
Gaya Lawyers’ Protest: गया के गुरुआ में एक वकील को पुलिस द्वारा रात भर थाने में हिरासत में रखने और फिर हथकड़ी लगाकर कोर्ट लाने का मामला सामने आया है। इस घटना से वकीलों में भारी रोष है और उन्होंने न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर दिया है। यह सिर्फ एक वकील पर पुलिसिया ज़्यादती नहीं, बल्कि न्यायपालिका का अपमान भी है।
गया के गुरुआ में वकीलों ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर दिया है। यह कदम एक वकील को रात भर थाने में हिरासत में रखने और फिर हथकड़ी लगाकर कोर्ट में पेश करने के आरोपों के बाद उठाया गया है। यह विरोध गुरुआ पुलिस स्टेशन में अधिवक्ता मुसाफिर रविदास के साथ हुए दुर्व्यवहार के बाद शुरू हुआ। इस घटना ने पूरे Gaya Lawyers’ Protest को हवा दी है। रविदास, जो तेलीया चक गांव के निवासी हैं, ने पुलिस कर्मियों पर उनके साथ अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगाया है।
क्या है Gaya Lawyers’ Protest का पूरा मामला?
अधिवक्ता मुसाफिर रविदास के अनुसार, वह अपने गांव में बच्चों से जुड़े एक विवाद के संबंध में थाने गए थे। उनका आरोप है कि थाने पहुंचते ही स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) मनीष कुमार ने उन्हें हवालात में बंद करने का आदेश दिया। वकील ने दावा किया कि उन्हें रात भर थाने में रखा गया और उन्हें पर्याप्त भोजन या अन्य बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दी गईं। अगली सुबह, पुलिस ने कथित तौर पर उन्हें हथकड़ी लगाकर एक खुले वाहन में अदालत में पेश किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
अधिवक्ता ने पुलिस दुर्व्यवहार का लगाया आरोप
अधिवक्ता रविदास का कहना है कि पुलिस का यह रवैया पूरी तरह से गलत और अमानवीय है। किसी भी वकील को इस तरह से हिरासत में नहीं लिया जा सकता और न ही हथकड़ी लगाई जा सकती है, खासकर तब जब मामला बच्चों से जुड़ा सामान्य विवाद हो। वकीलों ने इसे पुलिस की मनमानी और नियमों का उल्लंघन बताया है।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
कोर्ट परिसर में मौजूद बार एसोसिएशन के सदस्यों ने हथकड़ी में वकील को देखकर कड़ी आपत्ति जताई। वकीलों ने तुरंत विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और मांग की कि हथकड़ी को तुरंत हटाया जाए। उनका कहना है कि इस तरह का पुलिस दुर्व्यवहार न्याय प्रणाली की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। उन्होंने पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
विरोध प्रदर्शन और आगे की मांगें
अधिवक्ताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती और उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और न्यायिक अधिकारियों से इस मामले में हस्तक्षेप करने और निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है। वकीलों का कहना है कि वे इस मुद्दे को उच्च स्तर पर भी उठाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।







