
पुलिस वसूली: बिहार में शराबबंदी को लेकर सरकार चाहे जितने दावे करे, लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां करती है। जमुई में एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने शराबबंदी की आड़ में चल रही पुलिस की काली करतूतों का पर्दाफाश कर दिया है। उत्पाद विभाग के दो सहायक अवर निरीक्षक (ASI) और दो होमगार्ड जवानों को अपहरण और फिरौती मांगने के संगीन आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
Excise ASI पर अपहरण का आरोप! वर्दी पर लगा दाग, फिरौती वसूलते रंगे हाथ दबोचे गए चार पुलिसकर्मी
Excise ASI: बिहार में एक बार फिर खाकी पर दाग लगा है। जमुई पुलिस ने उत्पाद विभाग के दो एएसआई समेत चार पुलिसकर्मियों को अपहरण और फिरौती के संगीन आरोप में गिरफ्तार किया है। मामला नवादा उत्पाद विभाग से जुड़ा है, जहां एक व्यक्ति को बंधक बनाकर 1.5 लाख रुपये की फिरौती वसूली गई।
जमुई जिले में सामने आए इस सनसनीखेज मामले ने उत्पाद विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, नवादा उत्पाद विभाग के पुलिसकर्मियों पर अपहरण के नाम पर मोटी रकम वसूलने का आरोप लगा है। यह पूरा मामला जमुई टाउन थाना कांड संख्या 193/2026 के तहत दर्ज किया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। मामले का खुलासा नर्वदा गांव निवासी पिंटू कुमार की शिकायत पर हुआ, जिन्होंने अपने बड़े भाई के अपहरण और फिरौती की बात पुलिस को बताई।
अपहरण और फिरौती की साजिश में फंसे Excise ASI
पिंटू कुमार ने बताया कि उनके भाई संतोष कुमार 23 अप्रैल की दोपहर करीब 1 बजे अपनी क्रेटा कार लेकर घर से निकले थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। शाम 7:30 बजे संतोष का फोन आया, जिसने परिवार में हड़कंप मचा दिया। संतोष ने बताया कि उनका अपहरण हो गया है और रिहाई के बदले 5 लाख रुपये की मांग की जा रही है।
डेढ़ लाख रुपये की वसूली और अवैध शराब का दबाव
परिवार आनन-फानन में 2 लाख रुपये लेकर नवादा पहुंचा। आरोप है कि पकरीबरावां उत्पाद थाना में क्रेटा गाड़ी छोड़ने के नाम पर उनसे 1.5 लाख रुपये की वसूली की गई। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह पूरा मामला अवैध शराब के कारोबार से जुड़ा हो सकता है, जिसका फायदा उठाकर इन पुलिसकर्मियों ने दबाव बनाकर जबरन वसूली की। इस तरह के पुलिस भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जो विभाग की छवि खराब कर रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
चार पुलिसकर्मी गिरफ्तार, रकम और वाहन बरामद
जमुई एसपी विश्वजीत दयाल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि जांच में नवादा उत्पाद थाना से जुड़े दो Excise ASI और दो होमगार्ड जवानों की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एएसआई दिलीप कुमार के घर से 1.5 लाख रुपये बरामद किए गए हैं, और संतोष कुमार की क्रेटा कार भी जब्त कर ली गई है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि सभी पहलुओं का खुलासा हो सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
कैसे हुआ पुलिस वसूली का खुलासा?
पीड़ित के परिजनों ने नवादा पहुंचकर पकरीबरावाँ उत्पाद थाना से संपर्क किया, जहां उनसे क्रेटा गाड़ी छोड़ने के एवज में ₹1.5 लाख की मांग की गई। मजबूरी में परिजनों ने यह राशि चुका दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की, जिससे चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि इस पूरे खेल में पकरीबरावाँ उत्पाद थाना के ASI सुजीत कुमार, ASI दिलीप कुमार, और दो गृह रक्षक रविंद्र कुमार तथा गुलशन कुमार शामिल थे। इन पुलिसकर्मियों ने शराबबंदी कानून की आड़ में फिरौती और अवैध वसूली की इस आपराधिक साजिश को अंजाम दिया था।
गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों – दोनों ASI और दोनों होमगार्ड जवानों – को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही, फिरौती के रूप में वसूले गए ₹1.5 लाख को एएसआई दिलीप कुमार के घर से बरामद कर लिया गया। अपहृत संतोष कुमार को भी सुरक्षित बचा लिया गया और उनकी क्रेटा कार को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि बिहार में शराबबंदी कानून का दुरुपयोग कर कुछ अधिकारी अवैध वसूली का बड़ा रैकेट चला रहे हैं।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि इसमें शामिल अन्य लोगों को भी बेनकाब किया जा सके। यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी सख्ती से कार्रवाई करता है और ऐसे ‘पुलिस वसूली’ के मामलों पर नकेल कसने के लिए क्या कदम उठाता है।
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