
Illegal Hospitals: मधुबनी के बेनीपट्टी में अवैध रूप से चल रहे अस्पतालों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। एक ऐसे ही एमआर इमरजेंसी हॉस्पिटल को सील कर दिया गया है, जहां मरीजों के जीवन से खिलवाड़ हो रहा था। यह कार्रवाई दिखाती है कि अब ऐसे गैर-कानूनी गतिविधियों पर प्रशासन की पैनी नज़र है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
मधुबनी के बेनीपट्टी अनुमंडल अस्पताल रोड स्थित कृषि फार्म के समीप चल रहे एमआर इमरजेंसी हॉस्पिटल पर बुधवार को प्रशासन ने छापा मारकर उसे सील कर दिया। इस दौरान अस्पताल में मौजूद दो सर्जरी और डिलीवरी के मरीजों को तुरंत अनुमंडल अस्पताल में शिफ्ट कर बेहतर इलाज मुहैया कराया गया। यह बड़ी कार्रवाई अनुमंडल पदाधिकारी शारंग पाणी पाण्डेय, डीएसपी अमित कुमार और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पी एन झा के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ की गई। प्रशासनिक टीम के पहुंचते ही अस्पताल में हड़कंप मच गया और कई कर्मचारी मौके से फरार हो गए। गौरतलब है कि इस अस्पताल को पहले भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा अवैध घोषित किया गया था और 2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था, साथ ही इसे बंद करने का आदेश भी जारी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद इसका संचालन जारी था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
Illegal Hospitals: ऐसे हुआ मामले का खुलासा
इस अवैध अस्पताल का खुलासा एक डिलीवरी मरीज के परिजनों की सूझबूझ से हुआ। दुर्गाली गांव से डिलीवरी के लिए आई एक महिला मरीज को अनुमंडल अस्पताल से आशा और नर्स की मिलीभगत से गुमराह कर इस अवैध अस्पताल में लाया गया था। वहां डॉक्टर की अनुपस्थिति के बावजूद परिजनों पर पैसे जमा कराने का दबाव बनाया गया। जब मरीज की हालत बिगड़ने लगी और परिजनों ने उसे दूसरे अस्पताल ले जाने की कोशिश की, तो उन्हें जबरन रोकने का प्रयास किया गया। संदेह होने पर परिजनों ने स्थानीय लोगों से जानकारी ली, जिसमें अस्पताल के अवैध होने का पता चला। इसके बाद समाजसेवियों और आरटीआई कार्यकर्ताओं को सूचना दी गई, जिन्होंने तत्काल प्रशासन को अवगत कराया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
प्रशासन का सख्त संदेश और आगे की कार्रवाई
जांच के दौरान अस्पताल से एक सर्जरी और एक डिलीवरी मरीज को सुरक्षित निकालकर अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया। एसडीओ शारंग पाणी पाण्डेय ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि किसी भी कीमत पर अवैध अस्पतालों को चलने नहीं दिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई उन सभी के लिए एक सबक है जो नियमों का उल्लंघन कर मरीजों की जान जोखिम में डालते हैं। ऐसे Illegal Hospitals के खिलाफ प्रशासन की मुहिम जारी रहेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। फिलहाल अस्पताल को सील कर दिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







