
कैमूर हत्याकांड: बिहार के कैमूर जिले में मिले चार सिरकटे शवों की गुत्थी सुलझ गई है. इस खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया था और पुलिस के लिए यह एक बड़ी चुनौती थी. अब जो खुलासा हुआ है, वह इंसानियत को शर्मसार करने वाला है.
दुर्गावती नदी और अभैदे नहर किनारे सूटकेस व बोरियों में मिले इन शवों की पहचान डहरक गांव निवासी कृष्ण मुरारी गुप्ता, उनकी पत्नी दुर्गेश कुमारी, आठ वर्षीय बेटे और तीन साल की बेटी के रूप में हुई है. दिल दहलाने वाली बात यह है कि इस पूरे परिवार की हत्या किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि कृष्ण मुरारी के सगे भाइयों ने ही की थी.
अपनों ने ही उजाड़ा परिवार, वजह ‘जमीन विवाद’
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गुप्ता परिवार में लंबे समय से घरेलू कलह और जमीन विवाद चल रहा था. इसी पुरानी रंजिश में आरोपितों ने पूरे परिवार को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची. हत्या के बाद शवों के सिर काट दिए गए, ताकि उनकी पहचान न हो सके. इसके बाद शवों को सूटकेस और बोरियों में भरकर अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया गया. अपराधियों को लगा था कि वे पुलिस को चकमा दे देंगे, लेकिन उनका यह मंसूबा पूरा नहीं हो सका। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
एक छोटी सी शर्ट ने कैसे खोली ‘कैमूर हत्याकांड’ की परतें?
शवों की बरामदगी के बाद पुलिस के सामने पहचान एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि शव क्षत-विक्षत अवस्था में थे. इसी दौरान एक बच्चे की शर्ट पर आंगनबाड़ी ड्रेस जैसा पैटर्न पुलिस की नजर में आया. पुलिस ने तुरंत आसपास के आंगनबाड़ी केंद्रों में पड़ताल शुरू की. इससे पता चला कि रामगढ़ के डहरक गांव का एक बच्चा कई दिनों से स्कूल नहीं आ रहा था. यहीं से पुलिस की जांच कृष्ण मुरारी के परिवार तक पहुंची और कैमूर हत्याकांड का राज खुलने लगा।
जांच के दौरान, पुलिस को कपड़ों पर रामगढ़ बाजार की एक सिलाई दुकान का टैग भी मिला. दुकान तक पहुंचकर जानकारी जुटाई गई और धीरे-धीरे सारे सुराग एक ही परिवार की ओर इशारा करने लगे. डहरक गांव पहुंचने पर पता चला कि कृष्ण मुरारी, उनकी पत्नी और दोनों बच्चे करीब छह दिनों से गायब हैं. घर पर ताला जड़ा था और सभी के मोबाइल फोन भी बंद थे. पुलिस ने तुरंत इस मकान को सील कर दिया और चौकीदार तैनात कर दिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
एसआईटी की जांच और आगे की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए, कैमूर एसपी हरिमोहन शुक्ला ने एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया. टीम ने तकनीकी साक्ष्य, वैज्ञानिक जांच और कई राज्यों में छापेमारी के बाद आरोपितों तक पहुंच बनाई. गिरफ्तार आरोपितों की निशानदेही पर पुलिस अब कटे हुए सिरों की तलाश कर रही है. दुर्गावती नदी और एक पेट्रोल पंप के पास झाड़ियों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
इस निर्मम हत्याकांड से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. लोग इसे कैमूर के सबसे क्रूर अपराधों में से एक बता रहे हैं. पुलिस ने कृष्ण मुरारी के परिचितों और रिश्तेदारों से भी पूछताछ जारी रखी है.
शवों की बरामदगी का कालक्रम
- 10 मई 2026: दुर्गावती नदी में एक सूटकेस से दो शव बरामद हुए.
- 12 मई 2026: रामगढ़ में सड़क किनारे बोरे में दो और शव मिले.
कैमूर पुलिस अधीक्षक हरिमोहन शुक्ला जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा कर सकते हैं. फिलहाल पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर रही है और हत्या में इस्तेमाल किए गए अन्य सबूत जुटाने में लगी है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







