
राजकीय सम्मान: सुल्तानगंज के कार्यपालक पदाधिकारी कृष्णभूषण कुमार की हत्या के बाद मधुबनी में मातम छा गया है। उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। कई अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सुल्तानगंज के कार्यपालक पदाधिकारी कृष्णभूषण कुमार की हत्या के बाद बुधवार को उनका पार्थिव शरीर मधुबनी स्थित पैतृक आवास गदियानी के लोहरसारी मोहल्ला पहुंचा। शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। इस दुखद घड़ी में, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। दिवंगत अधिकारी को श्रद्धांजलि देने के लिए जिलाधिकारी आनंद शर्मा, पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार, मेयर अरुण राय, नगर आयुक्त उमेश कुमार भारती, एसडीओ सदर चंदन कुमार झा, डीएसपी सदर अमित कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उनके आवास पर पहुंचे। बड़ी संख्या में लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किए।
सीबीआई जांच और प्रतिमा लगाने की मांग
मृतक के छोटे भाई प्रो. सूर्य भूषण कुमार ने हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने की मांग की है, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके। उन्होंने सरकार से यह भी मांग की है कि सुल्तानगंज नगर परिषद और मधुबनी के गदियानी मोहल्ला में कृष्णभूषण कुमार की प्रतिमा लगाई जाए और उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाए।
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
नगर आयुक्त ने बताया कि सरकार ने दिवंगत कार्यपालक पदाधिकारी का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ कराने का निर्णय लिया है। परिवार को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की गई है। आवास एवं नगर विकास विभाग के विशेष सचिव मनन कुमार भी अंतिम संस्कार में शामिल होने पटना से मधुबनी के लिए रवाना हो चुके हैं।
एग्जिक्यूटिव ऑफिसर हत्याकांड: बिहार के भागलपुर में सुल्तानगंज नगर परिषद के एग्जिक्यूटिव ऑफिसर कृष्ण भूषण कुमार की निर्मम हत्या ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। मधुबनी स्थित पैतृक आवास पर सुबह तड़के कृष्ण भूषण कुमार का शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। घर में मौजूद हर आंख नम थी। बहन बबली बार-बार यही कह रही थीं कि “मेरे भाई को मार दिया, क्या इसलिए ही इतना पढ़-लिखकर अफसर बना था। लोगों की सेवा की, गांव का नाम रोशन किया, बदले में मेरे भाई की हत्या कर दी गई। पत्नी शालू कुमारी पति के शव से लिपटकर बेसुध पड़ी हैं । मासूम बच्चे अभी यह समझ भी नहीं पा रहे हैं कि उनके साथ क्या हुआ है।
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परिवार का संघर्ष और मुख्यमंत्री का ऐलान
कृष्ण भूषण कुमार की शादी करीब चार साल पहले मोतिहारी में शालू कुमारी से हुई थी। उनका दो साल का बेटा कृषभ और छह महीने की बेटी कृषिका है। परिवार के सदस्यों के अनुसार, कृष्ण भूषण के पिता प्रोफेसर रामचंद्र साह का निधन 1991 में ही हो गया था, और उनकी माता का निधन उससे भी पहले हो चुका था। माता-पिता के साये के बिना उन्होंने कड़ी मेहनत से पढ़ाई की और 2016 में बीपीएससी (BPSC) की परीक्षा पास कर एग्जिक्यूटिव अफसर बने। उनके बड़े भाई कृषि विभाग में अधिकारी हैं, तीसरे भाई पीएमओ (PMO) में ट्रांसलेटर और चौथे भाई सीतामढ़ी पॉलिटेक्निक कॉलेज में कार्यरत हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस दुःखद एग्जिक्यूटिव ऑफिसर हत्याकांड पर शोक व्यक्त करते हुए X (ट्विटर) पर लिखा कि कृष्ण भूषण कुमार के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी और उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ होगा। आज शाम 5 बजे मधुबनी के जीवछ घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
कैसे हुई वारदात और पुलिस की कार्रवाई
भागलपुर के सुल्तानगंज नगर परिषद ऑफिस में मंगलवार को अपराधियों ने घुसकर एग्जिक्यूटिव ऑफिसर कृष्ण भूषण की गोली मारकर हत्या कर दी थी। फायरिंग के दौरान सुल्तानगंज नगर परिषद के चेयरमैन राजकुमार गुड्डू को भी सिर में गोली लगी है, जिनका इलाज पटना के मेदांता अस्पताल में चल रहा है। इस वारदात का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें अपराधी चैंबर में घुसते ही पिस्टल ताने हुए थे। कृष्ण भूषण कुमार ने अपराधियों से भिड़ने की कोशिश की, तभी बदमाशों ने उन पर गोली चला दी। पुलिस ने जिस तेजी से इस एग्जिक्यूटिव ऑफिसर हत्याकांड के मुख्य आरोपी को ढेर किया, वह पुलिस की सक्रियता को दर्शाता है।
इस जघन्य वारदात के 12 घंटे के भीतर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रामधनी यादव को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। दो अन्य बदमाशों को भी गिरफ्तार किया गया है। मुठभेड़ सुल्तानगंज थाना से महज 200 मीटर दूर बाइपास रोड इलाके में हुई, जिसमें डीएसपी नवीन, इंस्पेक्टर परमेश्वर और इंस्पेक्टर मृत्युंजय घायल हुए। पुलिस अधीक्षक प्रमोद यादव ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर रामधनी यादव की पहचान हुई थी, जो डिप्टी चेयरमैन का पति था। जब पुलिस उसे हथियार बरामद करने ले जा रही थी, तो उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई और रामधनी को गोली लग गई। मायागंज अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। गिरफ्तार किए गए एक अन्य अपराधी दीपक का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है।
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सरकार द्वारा कृष्णभूषण कुमार को दिया गया यह राजकीय सम्मान उनके जनसेवा में योगदान को दर्शाता है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी प्रक्रियाएं सम्मानपूर्वक संपन्न हों। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।







