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Madhubani ATS News: मधुबनी ATS का बड़ा एक्शन: मौलवी का पाकिस्तानी कनेक्शन का खुला Whatsapp ग्रुप में राज!Madhya Pradesh Terror Case से जुड़े इनपुट खंगाल रहीं ATS

मधुबनी से देर रात एटीएस ने राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में एक मौलवी को गिरफ्तार किया है। वह एक संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप का सदस्य था, जिसमें पाकिस्तानी नागरिक भी कथित तौर पर जुड़े थे, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने में अहम सुराग मिले हैं।

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Madhubani ATS News: बिहार के मधुबनी जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में देर रात एक मौलवी को गिरफ्तार किया गया है। उस पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल होने का गंभीर आरोप लगाया गया है।यह गिरफ्तारी कई राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त अभियान का हिस्सा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्तता के इनपुट मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है। इस गिरफ्तारी से कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

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पाकिस्तानी कनेक्शन में मधुबनी से मदरसा शिक्षक गिरफ्तार, लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े नेटवर्क की जांच तेज

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) और मधुबनी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सोमवार को मधुबनी जिले से एक मदरसा शिक्षक को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पंडौल थाना क्षेत्र निवासी इजहार उल हक के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों के अनुसार उस पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में रहने, भारत में स्लीपर सेल तैयार करने तथा कथित विदेशी फंडिंग की व्यवस्था करने का आरोप है।Madhubani ATS News: मधुबनी ATS का बड़ा एक्शन: मौलवी का पाकिस्तानी कनेक्शन का खुला Whatsapp ग्रुप में राज!Madhya Pradesh Terror Case से जुड़े इनपुट खंगाल रहीं ATSजानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर करीब एक बजे दिल्ली से पहुंची NIA, पटना और भोपाल से आई ATS टीम तथा स्थानीय पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर भौआड़ा गांव स्थित एक मस्जिद से आरोपी को हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे पूछताछ के लिए सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया, जहां विभिन्न एजेंसियां उससे लगातार पूछताछ कर रही हैं।जांच एजेंसियों का दावा है कि प्रारंभिक जांच में आरोपी के विदेशों से जुड़े कुछ संदिग्ध संपर्कों और वित्तीय लेन-देन की जानकारी मिली है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित नेटवर्क का विस्तार कितना बड़ा है और इससे देश के विभिन्न राज्यों में कितने लोग जुड़े हुए हैं।इस मामले में अब तक चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इससे पहले भोपाल से फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह को गिरफ्तार किया गया था। फराज की निशानदेही पर उसके सहयोगी नईम अब्दुल्ला को उत्तर प्रदेश के देवबंद से पकड़ा गया। इसके बाद तीसरे आरोपी शाकिर मेव को राजस्थान के अलवर जिले से गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार शाकिर मेव संगठनात्मक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था।पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने बताया कि गिरफ्तार इजहार उल हक एक मदरसा शिक्षक है और मधुबनी में किराये के मकान में रह रहा था। फिलहाल उससे विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का विस्तृत खुलासा किया जाएगा।जांच में यह भी सामने आया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेषकर टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप्स, के माध्यम से युवाओं को जोड़ने की कोशिश की जा रही थी। एजेंसियों को आशंका है कि डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर युवाओं को प्रभावित करने तथा कथित रूप से कट्टरपंथी विचारधारा की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा था। इसी कारण मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड, सोशल मीडिया अकाउंट और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की गहन जांच की जा रही है।फराज के मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। एजेंसियों को उम्मीद है कि डिजिटल डेटा से नेटवर्क के अन्य सदस्यों, विदेशी संपर्कों और कथित फंडिंग चैनलों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। बैंकिंग रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है।सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता। इसी वजह से जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। NIA, ATS और स्थानीय पुलिस पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जांच कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित आतंकी गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।फिलहाल एजेंसियों की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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संयुक्त टीम ने देर रात की बड़ी कार्रवाई

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन को अंजाम देते हुए, मध्य प्रदेश एटीएस, बिहार एटीएस, डीआईयू पटना और मधुबनी नगर थाना पुलिस की एक संयुक्त टीम ने देर रात कार्रवाई की। इस टीम ने नगर थाना क्षेत्र के उर्दू मोहल्ला से 55 वर्षीय इजहारुल हक को गिरफ्तार किया है। सुरक्षा एजेंसियों को इजहारुल हक की संदिग्ध गतिविधियों के बारे में पुख्ता जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर यह अभियान चलाया गया।गिरफ्तार व्यक्ति मूल रूप से पंडौल थाना क्षेत्र के सरसोपाही नवटोल गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। संयुक्त टीम ने उसकी गिरफ्तारी के बाद उसके पैतृक घर पर भी छापेमारी की। इस दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों को खंगालने का प्रयास किया गया ताकि मामले की तह तक पहुंचा जा सके।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इजहारुल हक उर्दू मोहल्ला स्थित मदरसा इस्लामिया में बच्चों को पढ़ाता था। घटना की रात वह वहीं मौजूद था और सुरक्षा एजेंसियों ने उसे मदरसा से ही हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे तुरंत नगर थाना लाया गया, जहां उससे प्राथमिक पूछताछ की गई।

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व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ा संदिग्ध कनेक्शन और MP तक तार

जांच एजेंसियों ने गिरफ्तारी मेमो में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि इजहारुल हक पर राष्ट्रद्रोह से जुड़ी गतिविधियों में संलिप्त होने का गंभीर आरोप है। यह आरोप राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है और एजेंसियां इसकी गहनता से जांच कर रही हैं। Madhya Pradesh Terror Case से जुड़े एक महत्वपूर्ण इनपुट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।सूत्रों के मुताबिक, इजहारुल हक भोपाल के एक संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ा हुआ था। जांच एजेंसियों को इस ग्रुप के बारे में गुप्त सूचनाएं मिली थीं, जिसमें कुछ पाकिस्तानी नागरिकों के भी जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। इस ग्रुप के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत कार्रवाई करने पर मजबूर कर दिया। यह इनपुट राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।सुरक्षा एजेंसियां अब इस व्हाट्सएप ग्रुप के अन्य सदस्यों, उनके कनेक्शन और उनके द्वारा की जा रही गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही हैं। इस गिरफ्तारी से एक बड़े राष्ट्रविरोधी नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है। यह दिखाता है कि किस तरह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।

ट्रांजिट रिमांड पर भोपाल रवाना, आगे की जांच जारी

गिरफ्तार आरोपी इजहारुल हक को कानूनी प्रक्रिया के तहत सीजेएम पी.के. मेहता की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सुरक्षा एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रांजिट रिमांड प्रदान की। ट्रांजिट रिमांड मिलने के तुरंत बाद, एटीएस की टीम उसे आगे की विस्तृत पूछताछ के लिए भोपाल लेकर रवाना हो गई।भोपाल में उससे इस बड़े नेटवर्क, उसकी गतिविधियों, फंडिंग के स्रोत और अन्य सहयोगियों के बारे में गहन पूछताछ की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही हैं और हर संभव पहलू की जांच कर रही हैं। इस गिरफ्तारी से कई अन्य खुलासे होने की उम्मीद है, जिससे देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल अधिक जानकारी साझा नहीं कर रही हैं, लेकिन यह स्पष्ट है कि यह गिरफ्तारी राष्ट्रविरोधी ताकतों पर एक बड़ा प्रहार है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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