

Madhubani News: कानून के हाथ लंबे होते हैं, ये कहावत तो सुनी ही होगी, लेकिन मधुबनी में कानून के इन लंबे हाथों ने एक अपराधी को उसकी सही जगह पहुंचा ही दिया है। जिले की एक अदालत ने हत्या और बिहार उत्पाद एवं मद्यनिषेध अधिनियम के उल्लंघन से जुड़े एक अहम मामले में अभियुक्त को दोषी करार दिया है, जिससे न्याय व्यवस्था में लोगों का विश्वास और भी मज़बूत हुआ है।
जानकारी के अनुसार, अनन्य विशेष न्यायाधीश, उत्पाद अधिनियम, मधुबनी के न्यायालय ने केस संख्या जी.आर. 1806 में सुनवाई पूरी करते हुए अभियुक्त वैद्यनाथ सदा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास), 323 और बिहार उत्पाद एवं मद्यनिषेध अधिनियम की धारा 37 के तहत दोषसिद्ध किया है। इस पूरे मामले में जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा की लगातार निगरानी, पुलिस द्वारा समय पर की गई जांच और अभियोजन पक्ष की मजबूत दलीलों ने अहम भूमिका निभाई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर यह फैसला सुनाया।
Madhubani News: जानिए क्या था पूरा मामला
यह एक गंभीर आपराधिक मामला था, जिसमें सुनवाई के दौरान सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पूरी तरह से पालन किया गया। बताया गया कि न्यायालय ने अभियुक्त वैद्यनाथ सदा को दोषी तो ठहरा दिया है, लेकिन सजा का ऐलान अभी नहीं किया है। अदालत इस मामले में 26 फरवरी, 2026 को सजा सुनाएगी। प्रशासन की मुस्तैदी और न्यायपालिका की प्रभावी कार्यशैली का ही यह परिणाम है कि अपराधी को उसके किए की सजा मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
इस फैसले ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून का उल्लंघन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/। इस तरह के फैसलों से समाज में कानून का राज स्थापित होता है।
एक अन्य मामले में भी अभियुक्त को मिली सजा
वहीं एक दूसरे मामले में भी न्यायालय ने एक अभियुक्त को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। जानकारी के अनुसार, केस संख्या-ST-355/24, जो कि मधवापुर थाना (कांड संख्या-68/2024) से संबंधित है, में अभियुक्त मोहम्मद जावेद शेख को भारतीय न्याय संहिता की धारा 363/4 और 366A/34 के तहत दोषसिद्धि के बाद 27 फरवरी, 2026 को सजा सुनाई गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन दोनों फैसलों से जिले की कानून-व्यवस्था को और मजबूती मिली है। प्रशासन ने साफ किया है कि बिहार में शराब का व्यापार और सेवन पूरी तरह अवैध है और इससे जुड़ी किसी भी जानकारी को टोल-फ्री नंबरों पर साझा किया जा सकता है, जिसमें सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।




