

Madhubani News: व्यवस्था के सूखे कुएँ में पारदर्शिता का पानी भरने और जन-कल्याण की योजनाओं को ज़मीनी हकीकत से रूबरू कराने का बीड़ा उठाया गया है। अब सरकारी तंत्र की सुस्ती पर निगरानी की तलवार चलेगी।
मधुबनी समाचार: पंचायतों में स्वास्थ्य सेवाओं सहित अन्य योजनाओं की होगी सघन जाँच, जिलाधिकारी आनंद शर्मा का सख्त निर्देश
मधुबनी समाचार: दो दिवसीय ‘जिला प्रशासन गाँव की ओर’ कार्यक्रम का आगाज
मधुबनी, 16 दिसंबर 2025: सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनोपयोगी और लोक कल्याणकारी योजनाओं के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कमर कस ली है। उनके निर्देश पर “जिला प्रशासन गाँव की ओर” कार्यक्रम के तहत 17 और 18 दिसंबर 2025 को पंचायतों में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य विकास योजनाओं की औचक जाँच की जाएगी। इस मुहिम के लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों को पंचायतें आवंटित कर दी गई हैं, और उन्हें निर्धारित तिथि पर जाँच पूरी करने का आदेश दिया गया है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि प्राथमिकता के आधार पर पंचायतों में संचालित ग्रामीण स्वास्थ्य योजनाएँ की गहनता से जाँच की जाए। इस दौरान संबंधित स्वास्थ्य उपकेंद्रों के सभी एएनएम, आशा कार्यकर्ता और आशा फैसिलिटेटर को अपने सभी अद्यतन सर्वे रजिस्टर, ड्यूलिस्ट पंजी और आरसीएच पंजी के साथ दोपहर 1:30 बजे संबंधित पंचायत कार्यालय (पंचायत सरकार भवन/पंचायत भवन) में उपस्थित रहना होगा। समीक्षा बैठक की समाप्ति के बाद उन्हें पल्स पोलियो अभियान में भी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कहा गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जाँच के दायरे में प्रथम त्रैमासिक में एएनसी पंजीकरण की संख्या, चतुर्थ एएनसी जाँच की संख्या, सरकारी एवं निजी संस्थानों में प्रसव की कुल संख्या, और एचएमआईएस पोर्टल पर प्रविष्ट प्रसव की संख्या जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। यदि कुल प्रसव की संख्या चतुर्थ एएनसी से कम है या एचएमआईएस पोर्टल पर प्रविष्टि नहीं की गई है, तो इसके कारणों का पता लगाने का निर्देश दिया गया है। प्रतिनियुक्त पदाधिकारी सभी एएनएम, आशा कार्यकर्ता और आशा फैसिलिटेटर के सर्वे रजिस्टर, आरसीएच पंजी और टैली शीट के आधार पर इन विसंगतियों की जाँच कर विस्तृत प्रतिवेदन देंगे।
नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की स्थिति भी परखी जाएगी। इसमें अद्यतन सर्वे रजिस्टर और ड्यूलिस्ट पंजी की जाँच के साथ-साथ बीसीजी, पेंटा (1,2,3 खुराक), बीओपीवी (1,2,3 खुराक), रोटावायरस वैक्सीन (1,2,3 खुराक), एफआईपीवी (1,2 खुराक), पीसीवी (1,2, बूस्टर खुराक), एमआर-1 खुराक, जेई-1 खुराक और अन्य सभी वैक्सीन से प्रतिरक्षित बच्चों की कुल संख्या का सत्यापन किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे।
स्वास्थ्य के साथ-साथ अन्य सेवाओं का भी होगा मूल्यांकन
जिलाधिकारी ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, क्षेत्रीय चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्य प्रबंधक, प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक और प्रखंड अनुश्रवण एवं मूल्यांकन सहायक निरीक्षी पदाधिकारी को स्वास्थ्य सेवाओं की जाँच में पूरा सहयोग प्रदान करने का निर्देश दिया है। उन्हें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि सभी संबंधित पदाधिकारी निर्धारित समय पर जाँच स्थल पर उपस्थित रहें। निरीक्षी पदाधिकारी पंचायत सरकार भवन (या जहाँ पंचायत कार्यालय संचालित है) पहुँच कर यह कार्य करेंगे। इसके अतिरिक्त, उन्हें अपने दैनिक कार्यालयी कार्यों का निष्पादन भी ई-ऑफिस के माध्यम से करने का निर्देश दिया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं के अतिरिक्त, प्रतिनियुक्त पदाधिकारी पंचायत कार्यालयों द्वारा प्रदान की जाने वाली अन्य सेवाओं की भी जाँच करेंगे। इसमें पंचायत सरकार भवन की वर्तमान स्थिति, पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, राजस्व कर्मचारी, कार्यपालक सहायक, कचहरी सचिव और अन्य विभागीय कर्मियों की नियमित उपस्थिति शामिल है। आरटीपीएस सेवाओं के संचालन और गुणवत्ता की स्थिति, पंचायत सरकार भवन में बैंक/पोस्ट ऑफिस की कार्यप्रणाली, और मासिक किराए की वसूली (यदि लागू हो) की भी समीक्षा की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इसके साथ ही, पंचायत सरकार भवन में पुस्तकालय/पंचायत ज्ञान केंद्र के संचालन, उपलब्ध पुस्तकों की सूची (विशेषकर प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे बीपीएससी, बीएसएससी, एसएससी, बैंक पीओ/क्लर्क से संबंधित), प्राप्त जनशिकायतों की स्थिति, और गठित स्थायी समिति की नियमित बैठकों की जाँच की जाएगी। किसानों की फसल को क्षति पहुँचाने वाले घोड़परास, नीलगाय और जंगली सुअर को नियंत्रित करने के संबंध में प्राप्त आवेदनों की स्थिति, “एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम के क्रियान्वयन की स्थिति, जन्म-मृत्यु पंजीकरण की स्थिति, और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत कचरा प्रबंधन, कचरा उठाव कार्य तथा डस्टबिन वितरण जैसी ग्रामीण स्वास्थ्य योजनाएँ सहित अन्य योजनाओं की प्रगति एवं गुणवत्ता का भी गहन मूल्यांकन होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
प्रतिनियुक्त/निरीक्षी पदाधिकारियों को आम जनता की समस्याओं को सुनकर यथासंभव मौके पर ही उनका निराकरण सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है। इसके अतिरिक्त, जिला जनता दरबार में प्राप्त वे आवेदन, जिन्हें प्रखंड/अंचल स्तर पर निष्पादन हेतु भेजा गया है, उनके निष्पादन की वर्तमान स्थिति की भी जाँच की जाएगी। सभी प्रतिनियुक्त/निरीक्षी पदाधिकारी योजनाओं के निरीक्षण के उपरांत उसी दिन मधुबनी फर्स्ट पोर्टल पर अपना विस्तृत प्रतिवेदन अपलोड करना सुनिश्चित करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


