

Madhubani News: वर्चुअल बैठक में अधिकारियों को दिए गए कड़े निर्देश
जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में समाहरणालय से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य एजेंडा SC/ST समुदाय के लोगों पर हुए अत्याचार के मामलों की समीक्षा करना और पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय दिलाना था। जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि लंबित मामलों के निष्पादन में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने एक-एक कर लंबित मामलों की समीक्षा की और पाया कि कई मामलों में पीड़ितों को राहत राशि मिलने में देरी हो रही है। इस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए जिला कल्याण पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि सभी पीड़ितों को सरकारी दिशानिर्देशों में वर्णित प्रावधानों के तहत देय राहत राशि का भुगतान हर हाल में समय पर सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने विशेष लोक अभियोजक को भी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत लंबित कांडों में तेजी लाने और त्वरित गति से उनका निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि निष्पादित और लंबित कांडों की विस्तृत रिपोर्ट अगली बैठक से पहले जिला कल्याण पदाधिकारी को उपलब्ध कराई जाए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
क्या है इस समिति का मुख्य उद्देश्य?
गौरतलब है कि इस समिति का गठन अनुसूचित जाति एवं जनजाति के व्यक्तियों पर होने वाले अत्याचारों की रोकथाम के लिए किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य अत्याचार पीड़ितों को तत्काल सहायता, मुआवजा और न्याय दिलाना है, साथ ही ऐसे मामलों की नियमित निगरानी करना भी इसकी जिम्मेदारी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेताया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का अनुपालन समय पर सुनिश्चित करें। उक्त बैठक में अपर समाहर्ता मुकेश रंजन, जिला कल्याण पदाधिकारी एवं समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।






