
Electricity Theft: मधुबनी में अब बिजली चोरों की खैर नहीं! बिजली विभाग ने राजस्व घाटे को पाटने और चोरी रोकने के लिए एक बड़ा अभियान छेड़ा है, जिसके तहत शहरी क्षेत्रों में लगे ट्रांसफार्मर पर मीटर लगाए जा रहे हैं। तो क्या है ये पूरी योजना और कैसे पकड़े जाएंगे बिजली चोर?
मधुबनी जिले में बिजली विभाग ने Electricity Theft पर लगाम लगाने और राजस्व घाटे को कम करने के लिए एक बड़ी योजना पर काम शुरू कर दिया है। अब शहरी क्षेत्रों में लगे सभी घरेलू ट्रांसफार्मर में मीटर लगाए जा रहे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि एक ट्रांसफार्मर से कितनी बिजली की आपूर्ति हो रही है और उसके मुकाबले कितना राजस्व प्राप्त हो रहा है। हाल ही में, कोशी फीडर से इस अभियान की शुरुआत की गई।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
पहला चरण: 400 ट्रांसफार्मर और विशेष उड़न दस्ता
पहले चरण के तहत, मधुबनी शहरी क्षेत्र के करीब 400 ट्रांसफार्मर में मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए विभाग ने चार प्रमुख एजेंसियों—हाई प्रिंट, ईडीएफ, जीनस और सेक्योर—के साथ अनुबंध किया है। कोशी फीडर में काम चलने के कारण करीब सात घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। आने वाले दिनों में अन्य फीडरों में भी इसी तरह चरणबद्ध तरीके से काम पूरा किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
Electricity Theft पर कैसे लगेगी लगाम?
बिजली विभाग का कहना है कि जितनी बिजली की खपत हो रही है, उसके अनुपात में विभाग को राजस्व प्राप्त नहीं हो रहा है। उपभोक्ता जितनी बिजली इस्तेमाल कर रहे हैं, उसका पूरा बिलिंग रिकॉर्ड और भुगतान विभाग को नहीं मिल पा रहा है। इसका सीधा मतलब है कि बड़े पैमाने पर बिजली की चोरी हो रही है। अब ट्रांसफार्मर पर मीटर लगने से यह स्पष्ट हो जाएगा कि किस क्षेत्र में कितनी बिजली चोरी हो रही है और दोषी उपभोक्ताओं को पकड़ना आसान होगा। यह कदम देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें विभाग को सटीक डेटा देगा, जिससे प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
Electricity Theft पर कैसे लगेगी लगाम?
विभाग ने चेतावनी दी है कि मीटरिंग के साथ-साथ अब एक विशेष ‘उड़न दस्ता टीम’ भी बनाई जा रही है। यह टीम संदिग्ध इलाकों में औचक छापेमारी करेगी। विभाग का दावा है कि अगले कुछ महीनों में तकनीक और सख्त निगरानी के जरिए Electricity Theft पर पूरी तरह नकेल कस दी जाएगी। इससे ईमानदार उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली सेवा मिलेगी और विभाग के राजस्व में भी सुधार होगा।







