Madhubani Ganja News: बिहार में नशीले पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने के पुलिस के दावों की पोल खुल गई है। मधुबनी जिले के बासोपट्टी में पटना एसटीएफ ने 419 किलोग्राम गांजा की एक बड़ी खेप पकड़ी है। इस कार्रवाई में स्थानीय पुलिस की डायल 112 टीम की संलिप्तता सामने आने से सनसनी फैल गई है। इस मामले में थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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पुलिस-तस्कर गठजोड़ का बड़ा खुलासा
शनिवार सुबह बासोपट्टी में पटना एसटीएफ ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने मुखबिरों से मिली सटीक सूचना के आधार पर 419 किलोग्राम गांजा से लदी एक पिकअप गाड़ी को पकड़ा। इस दौरान चार तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया, जिनसे पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। पता चला कि गांजा तस्करों की यह खेप स्थानीय डायल 112 पुलिस की गाड़ी के एस्कॉर्ट में सुरक्षित निकल रही थी।
स्थानीय पुलिस का ही तस्करों को संरक्षण देना एक गंभीर मामला है। पुलिस की डायल 112 की गाड़ी तस्करों की पिकअप को आगे-आगे रास्ता दिखाते हुए चल रही थी, जिससे रास्ते में कोई अड़चन न आए। एसटीएफ ने मौके से गांजा के साथ-साथ तस्करों और एस्कॉर्ट कर रही पुलिस टीम के कुछ सदस्यों को भी हिरासत में लिया। इस घटना ने पूरे पुलिस महकमे को सकते में डाल दिया है।
कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई की है। बासोपट्टी के थानाध्यक्ष सहित डायल 112 टीम के दो अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं, जिससे इस पूरे गठजोड़ की तह तक पहुंचा जा सके। यह घटना बिहार पुलिस की छवि पर एक गंभीर सवाल खड़ा करती है, विशेषकर जब राज्य सरकार नशीले पदार्थों के खिलाफ कड़े कदम उठा रही है।
गिरफ्तार किए गए चारों तस्करों से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि इस अंतरराष्ट्रीय गांजा तस्करी रैकेट के अन्य सदस्यों का पता चल सके। एसटीएफ की टीम इस मामले में और भी गिरफ्तारियों की उम्मीद कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा, जो कानून के रखवाले होने के बजाय अपराधियों का साथ दे रहे हैं।
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यह कार्रवाई दर्शाती है कि बिहार में नशीले पदार्थों का कारोबार कितनी गहराई तक अपनी जड़ें जमा चुका है। पुलिस का इस तरह से संलिप्त होना कानून व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती है। राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए और भी कड़े कदम उठाने होंगे, ताकि जनता का विश्वास बना रहे। एसटीएफ ने अपनी कार्रवाई से यह संदेश दिया है कि किसी भी स्तर पर होने वाले भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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इस मामले की विस्तृत जांच जारी है और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। बिहार पुलिस ने ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात कही है। इस घटना ने न सिर्फ मधुबनी, बल्कि पूरे बिहार में पुलिस और आपराधिक तत्वों के बीच साठगांठ की संभावनाओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है।







