
Startup Outreach Program: कलम-दवात की धरती मधुबनी में अब सिर्फ कला नहीं, बल्कि कारोबार की भी नई पौध तैयार हो रही है। जिले के युवाओं के सपनों को पंख लगाने और उन्हें ‘जॉब सीकर’ से ‘जॉब क्रिएटर’ बनाने की एक नई पटकथा लिखी गई है।
बिहार सरकार के उद्योग विभाग के तत्वावधान में मधुबनी के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक, अररिया संग्राम में एक दिवसीय स्टार्टअप जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ने जिले के 300 से अधिक छात्रों को उद्यमिता और नवाचार की एक नई दिशा दिखाई। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के प्राचार्य डॉ. शंभुकांत झा ने दीप प्रज्वलित कर और अतिथियों को पौधा भेंट कर किया। उन्होंने अपने स्वागत भाषण में छात्रों को आत्मनिर्भरता और रचनात्मक सोच के महत्व को समझाते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम उनके करियर निर्माण में मील का पत्थर साबित होंगे।
मधुबनी में Startup Outreach Program का सफल आयोजन
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद जिला उद्योग केंद्र (DIC) के महाप्रबंधक रमेश कुमार शर्मा ने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, “अपने आसपास की समस्याओं को पहचानिए और उनके समाधान के लिए उद्यम स्थापित कीजिए।” शर्मा ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न MSME योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि कैसे युवा इनका लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, जिला स्टार्टअप कोऑर्डिनेटर श्री कुमार हार्दिक ने छात्रों को स्टार्टअप की बारीकियों से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि नवाचार का मतलब केवल नई तकनीक बनाना नहीं, बल्कि मौजूदा सेवाओं में सुधार कर आम लोगों की जिंदगी आसान बनाना भी है। उन्होंने बिहार स्टार्टअप पॉलिसी 2022 के तहत मिलने वाले फायदों पर विस्तार से चर्चा की, जो युवाओं के उद्यमिता विकास में सहायक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
- 10 लाख रुपये तक की सीड फंडिंग (ब्याज मुक्त)
- इन्क्यूबेशन सेंटर में विशेषज्ञ मार्गदर्शन
- मेंटरशिप और नेटवर्किंग का अवसर
- सरकारी योजनाओं तक आसान पहुंच
‘लोकल टू ग्लोबल’ की सोच से बदलेगी तस्वीर
श्री हार्दिक ने छात्रों से ‘लोकल टू ग्लोबल’ की सोच अपनाने का आह्वान किया, ताकि वे स्थानीय समस्याओं को वैश्विक अवसरों में बदल सकें। इस दौरान फरवरी में हुए ‘स्टार्टअप आइडिएशन चैलेंज’ के विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया गया, जिससे अन्य छात्रों में भी उत्साह का संचार हुआ। कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र के परियोजना प्रबंधक रविशंकर उपाध्याय, फैकल्टी इंचार्ज शशांक सौरभ और व्याख्याता अंकिता कुमारी समेत कई शिक्षकगण मौजूद रहे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
कार्यक्रम का समापन प्राचार्य डॉ. झा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कार्यक्रम मधुबनी में एक नई स्टार्टअप संस्कृति को जन्म देगा और भविष्य में भी ऐसे आयोजन होते रहेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह आयोजन न केवल छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना, बल्कि जिले में उद्यमिता की एक मजबूत नींव रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।






