Madhubani Minister News: बिहार सरकार के श्रम संसाधन, परिवार कल्याण एवं कौशल विकास मंत्री अरुण शंकर प्रसाद पर मधुबनी जिले के खजौली थाना क्षेत्र में एक गंभीर हमला हुआ है। यह घटना ठाहर गांव में घटी, जब मंत्री सड़क दुर्घटना में मृत एक युवक के परिजनों से मुलाकात करने पहुंचे थे। इस अचानक हुए हमले में मंत्री अरुण शंकर प्रसाद बाल-बाल बचे, लेकिन उनके सरकारी वाहन को उपद्रवियों ने बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना से पूरे मधुबनी जिले में राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता के बीच हड़कंप मच गया है, और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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जानलेवा हमला: मधुबनी मंत्री पर आक्रोशित भीड़ का वार
घटना के बारे में मिली जानकारी के अनुसार, ठाहर गांव निवासी जुगे ठाकुर के पुत्र कृष्ण कुमार ठाकुर की कुछ दिन पहले एक सड़क दुर्घटना में दुखद मृत्यु हो गई थी। इसी दुखद घटना में संवेदना व्यक्त करने और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने के लिए मंत्री अरुण शंकर प्रसाद शुक्रवार को उनके घर पहुंचे थे। जैसे ही मंत्री का काफिला गांव में पहुंचा, वहां पहले से ही लगभग तीन से चार सौ की संख्या में महिला और पुरुष एकत्रित हो चुके थे। इन लोगों के हाथों में लाठियां, डंडे और अन्य वस्तुएं थीं।
मंत्री के साथ मौजूद उनके प्रतिनिधि हरिश्चंद्र शर्मा ने बताया कि मंत्री के गांव में कदम रखते ही अचानक भीड़ ने उन पर हमला बोल दिया। कुछ हमलावरों ने मंत्री को घेरकर लाठियों से उनका गला दबाने का प्रयास किया, जबकि कुछ अन्य लोगों ने अपने गमछे से उन्हें कसकर चोट पहुंचाने की कोशिश की। यह हमला इतना अप्रत्याशित और तीव्र था कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।
क्षतिग्रस्त हुआ वाहन, सुरक्षाकर्मियों ने बचाई जान
इस जानलेवा हमले के दौरान, उपद्रवियों ने मंत्री के सरकारी वाहन को भी नहीं बख्शा। उन्होंने लाठियों और पत्थरों से वाहन पर हमला कर उसे बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। घटनास्थल पर क्षण भर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग इधर-उधर भागने लगे, जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई।
मंत्री के सुरक्षा स्कॉट में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने बड़ी सूझबूझ और अत्यधिक मशक्कत के साथ मंत्री को भीड़ के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाला। सुरक्षा कर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मंत्री को तेजी से उनके वाहन में बिठाया और तत्काल घटनास्थल से सुरक्षित स्थान की ओर ले गए। इस त्वरित कार्रवाई के कारण ही मंत्री बड़ी अनहोनी से बच पाए।
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राजद नेता पर साजिश का आरोप और पुलिस की तत्परता
मंत्री के प्रतिनिधि हरिश्चंद्र शर्मा ने इस हमले को एक गहरी साजिश का हिस्सा बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा घटनाक्रम पूर्व नियोजित था और एक स्थानीय राजद नेता के इशारे पर इसे अंजाम दिया गया। शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह सिर्फ हमला नहीं था, बल्कि मंत्री पर किया गया एक जानलेवा हमला था, जिसका उद्देश्य उन्हें शारीरिक रूप से गंभीर नुकसान पहुंचाना था। इस घटना ने Bihar Politics News में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।
घटना के तुरंत बाद, मंत्री अरुण शंकर प्रसाद सीधे कलुआही थाना पहुंचे और पूरी आपबीती पुलिस को बताई। हमले की सूचना मिलते ही, मधुबनी के पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कलुआही थाना पहुंचे। पुलिस अधीक्षक ने स्वयं मंत्री से मुलाकात कर घटना की विस्तृत जानकारी ली और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। समाचार लिखे जाने तक, इस मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही थी और पुलिस ने अपराधियों की धरपकड़ के लिए अभियान शुरू कर दिया था। पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से गहनता से जांच कर रही है ताकि साजिश के पीछे के असली चेहरों को बेनकाब किया जा सके। यह घटना Bihar Politics News में चर्चा का विषय बन गई है।
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इस प्रकार की घटना, जिसमें एक सेवारत मंत्री पर खुलेआम हमला किया जाता है, राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाती है। यह घटना जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा के प्रति चिंता बढ़ाती है और यह भी दर्शाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता किस हद तक जा सकती है। अब देखना यह है कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी और निष्पक्षता से जांच करती है और दोषियों को कब तक कानून के कटघरे में खड़ा करती है।







