
मधुबनी पर्यटन: मिथिला की पावन भूमि मधुबनी के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जिले के दो महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों – विश्वामित्र स्थान और कल्याणेश्वर महादेव मंदिर – के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए बिहार सरकार ने टेंडर जारी कर दिया है। यह पहल न केवल स्थानीय आस्था को नया आयाम देगी, बल्कि पूरे बिहार के पर्यटन मानचित्र पर मधुबनी को एक विशेष पहचान दिलाएगी।
मधुबनी जिले के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के दो प्रमुख स्थलों – हरलाखी प्रखंड स्थित विश्वामित्र स्थान एवं कल्याणेश्वर महादेव मंदिर – के विकास कार्य हेतु बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड (BSTDC) द्वारा टेंडर जारी कर दिया गया है। इसे जिले के पर्यटन विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है। जिला प्रशासन मधुबनी द्वारा इन महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, विकास एवं पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के उद्देश्य से विस्तृत प्रस्ताव भेजा गया था।
तत्कालीन माननीय पर्यटन एवं कला-संस्कृति मंत्री श्री अरुण शंकर प्रसाद ने इस प्रस्ताव पर विशेष अभिरुचि लेते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कराई, जिसके परिणामस्वरूप अब इन परियोजनाओं के कार्यान्वयन की दिशा में ठोस पहल शुरू हो चुकी है। जारी टेंडर के अनुसार, हरलाखी स्थित विश्वामित्र आश्रम के विकास एवं सौंदर्यीकरण पर लगभग 1327.63 लाख रुपये तथा कल्याणेश्वर महादेव मंदिर के रिनोवेशन एवं पर्यटन विकास कार्य पर लगभग 1360.99 लाख रुपये की राशि व्यय की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
करोड़ों की लागत से होगा कायाकल्प
विश्वामित्र आश्रम धार्मिक, पौराणिक एवं ऐतिहासिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है। मान्यता है कि महर्षि विश्वामित्र की तपोभूमि होने के कारण यह स्थान आध्यात्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। वहीं कल्याणेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक परंपराओं एवं लोकआस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस धार्मिक स्थल विकास से इन जगहों पर आने वाले भक्तों को काफी सुविधा मिलेगी।
मधुबनी पर्यटन: विकास से जुड़े अहम बिंदु
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कहा कि दोनों स्थलों के सौंदर्यीकरण एवं आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के विकास से न केवल मधुबनी जिले में पर्यटन गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा, बल्कि संपूर्ण बिहार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को भी व्यापक बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। परियोजना पूर्ण होने के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं, आकर्षक परिसर, सुगम आवागमन एवं आधुनिक पर्यटन सुविधाएं उपलब्ध होंगी। राज्य सरकार का यह कदम धार्मिक स्थल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण होने के बाद मधुबनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करेगा।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि इस पहल से स्थानीय रोजगार, स्वरोजगार, होटल एवं परिवहन व्यवसाय सहित अनेक क्षेत्रों को भी सकारात्मक लाभ मिलेगा। साथ ही मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्राप्त होगी। यह पहल मधुबनी पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







