
Sarkari Medium: मोतिहारी की सड़कों पर पिछले पखवाड़े से गूंज रही ‘लाइट, कैमरा, एक्शन’ की आवाज अब थम गई है। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में बन रही हिंदी फिल्म ‘सरकारी मीडियम’ की शूटिंग सफलतापूर्वक पूरी हो गई है। यह फिल्म बिहार की जमीनी हकीकत और सामाजिक सरोकारों को बड़े पर्दे पर लाएगी।
फिल्म के मुख्य अभिनेता कुमार कन्हैया सिंह और निर्देशक राज सागर ने मोतिहारी के महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी और चन्द्रहिया गांव सहित विभिन्न हिस्सों में अंतिम दृश्यों को फिल्माया। 17 अप्रैल से 1 मई तक चली इस शूटिंग का मुख्य उद्देश्य बिहार की जमीनी हकीकत और सामाजिक सरोकारों को फिल्मी पर्दे पर उतारना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। स्थानीय प्रशासन और बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम के सहयोग से इस प्रोजेक्ट को रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है। अब अगले महीने से इसके पोस्ट-प्रोडक्शन का काम शुरू होगा।
मोतिहारी बना बॉलीवुड का नया ठिकाना
पूर्वी चंपारण का जिला मुख्यालय मोतिहारी हाल ही में बॉलीवुड के रंग में रंगा नजर आया। फिल्म ‘Sarkari Medium’ की पूरी शूटिंग इसी जिले के अलग-अलग लोकेशंस पर की गई है। फिल्म की टीम ने शहर के आधुनिक परिसरों से लेकर देहात की पगडंडियों तक को कैमरे में कैद किया। निर्देशक राज सागर, जो खुद मोतिहारी की मिट्टी से ताल्लुक रखते हैं, उन्होंने अपनी जड़ों की कहानी को बहुत ही संजीदगी से बुना है। शूटिंग के दौरान स्थानीय लोगों में भारी उत्साह देखा गया।
सामाजिक सरोकार: सिर्फ फिल्म नहीं, समाज का आईना
फिल्म के निर्माता और मुख्य अभिनेता कुमार कन्हैया सिंह इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी भावुक हैं। उनका मानना है कि ‘Sarkari Medium’ सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि समाज का आईना है। ऐसी कहानियों पर काम करने से कलाकारों को रचनात्मक संतुष्टि मिलती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। कुमार कन्हैया सिंह और भरत पटेल द्वारा निर्मित इस फिल्म में बिहार के स्थानीय कलाकारों को भी बड़े मौके दिए गए हैं। यह फिल्म बिहार फिल्म शूटिंग को बढ़ावा देने और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। फिल्म की मुख्य स्टारकास्ट में डॉ. तृष्या श्री, प्रिंस गुप्ता, आयुष पाण्डेय और सुकन्या पंडित जैसे नाम शामिल हैं।
बिहार में फिल्म निर्माण: नए अवसर और संभावनाएं
बिहार सरकार की नई फिल्म नीति का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। ‘सरकारी मीडियम’ की टीम को शूटिंग के लिए कहीं भटकना नहीं पड़ा। सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम की वजह से प्रशासन से अनुमति मिलना आसान हो गया है। फिल्म विकास निगम अब स्थानीय कलाकारों और वेंडर्स का एक विस्तृत डेटाबेस तैयार कर रहा है। इसके लिए विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इससे आने वाले समय में बाहर से आने वाले फिल्म निर्माताओं को स्थानीय प्रतिभाओं को खोजने में आसानी होगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। राज्य में बिहार फिल्म शूटिंग के बढ़ते रुझान को देखते हुए, तकनीकी टीम और अनुभवी हाथों ने फिल्म के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आर्ट डायरेक्टर रामू राय और डीओपी नरेश चंद्र ने बिहार की खूबसूरती को स्क्रीन पर उकेरा है। निर्देशक राज सागर ने बताया कि उन्हें जिले के प्रशासन और कला संस्कृति विभाग से भरपूर मदद मिली। फिल्म इसी साल के अंत तक सिनेमाघरों में दस्तक दे सकती है। बिहार की सांस्कृतिक और भौगोलिक विविधता को देखते हुए कई और फिल्म निर्माता भी अब यहां के प्रोजेक्ट्स में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।







