
Muzaffarpur News:: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। मुशहरी थाना क्षेत्र के नरौली गांव स्थित एक वृहद आश्रय गृह से रविवार रात 10 बच्चे अचानक गायब हो गए। इनमें चार बच्चे ऐसे हैं जो बोल और सुन नहीं सकते।
सुबह जब गार्ड ने बच्चों के नदारद होने की सूचना गृह प्रबंधन को दी, तो परिसर में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में बीडीओ चंदन कुमार और थानेदार सुबोध कुमार मेहता मौके पर पहुंचे और गहन छानबीन शुरू की। गायब हुए बच्चों में एक नेपाल, एक समस्तीपुर और एक सीतामढ़ी का रहने वाला है, जबकि बाकी बच्चों के पते की पुष्टि नहीं हो पाई है। एक बच्चा बाल श्रम से मुक्त कराकर यहां लाया गया था। अधीक्षक अविनाश डे के मुताबिक, आश्रय गृह में कुल 46 बच्चे रह रहे थे। रविवार की रात करीब एक से दो बजे के बीच पहली मंजिल पर बने एक हॉल से ये 10 बच्चे भाग निकले। जांच में सामने आया है कि प्रथम तल की एक खिड़की से लोहे की छड़ गायब मिली है। यह घटना मुजफ्फरपुर के बच्चे लापता होने से जुड़े कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
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मुजफ्फरपुर के बच्चे लापता होने पर सुरक्षा पर सवाल
एसडीओ पूर्वी तुषार कुमार ने बताया कि सभी 46 बच्चे अलग-अलग हॉलों में थे और गायब हुए सभी बच्चे पहली मंजिल के एक हॉल से भागे हैं। एसडीपीओ पूर्वी-2 मनोज कुमार सिंह ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद बताया कि हॉल की खिड़की की ग्रिल में काफी गैप था। शुरुआती आशंका है कि इसी गैप से निकलकर बच्चे पानी वाले पाइप के सहारे नीचे उतरे होंगे। इसके बाद मुख्य गेट पर चढ़कर वे दूसरी ओर कूद गए। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात गार्ड सो रहे थे, उन्हें सुबह ही बच्चों के गायब होने का पता चला। अधीक्षक अविनाश डे के आवेदन पर थाने में गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
CCTV फुटेज और नेपाल जाने की आशंका
मुशहरी पुलिस अब इन लापता बच्चों की तलाश में जुट गई है। नरौली चौक पर लगे एक निजी सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली गई है, जिसमें रात करीब दो बजे कुछ बच्चे जाते हुए दिखाई दिए हैं। हालांकि, नरौली चौक से आगे बच्चे किस दिशा में गए, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या नरौली चौक पर कोई वाहन था जिससे ये बच्चे निकले, या वे पैदल ही अलग-अलग रास्तों पर निकल गए। इस गुत्थी को सुलझाने के लिए अलग-अलग रास्तों और दिशाओं के सीसीटीवी फुटेज की लगातार पड़ताल की जा रही है।
वृहद आश्रय गृह के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अन्य बच्चों ने बताया कि गायब हुए नेपाली बच्चे ने कई बार कहा था कि वह सभी को नेपाल घुमाएगा। इस इनपुट के बाद आशंका जताई जा रही है कि लापता बच्चों का दल नेपाल जाने के इरादे से भी भाग सकता है। हालांकि, रात दो बजे किसी सवारी गाड़ी का मिलना मुश्किल है, ऐसे में संभावना है कि वे पैदल ही निकले होंगे। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही इन बच्चों का पता चल जाएगा।
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