
संदिग्ध मौत: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां एक अधेड़ व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि परिजनों ने पुलिस को सूचित किए बिना ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। अब मौत की असली वजह पर सवाल उठ रहे हैं।
अजीजपुर में संदिग्ध मौत: क्या कहते हैं गांव वाले?
सरैया थाना क्षेत्र के अजीजपुर गांव निवासी अकलू ठाकुर (55) की बुधवार देर शाम संदिग्ध हालत में मौत हो गई। वह पेशे से नाई का काम करते थे। मौत की खबर फैलते ही गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। ग्रामीणों के बीच यह बात जोर पकड़ रही है कि अकलू ने जहरीला पदार्थ पीकर अपनी जान दे दी। हालांकि, परिजनों ने इस बात से इनकार किया है।
परिजनों के अनुसार, अकलू ठाकुर लंबे समय से नशे के आदी थे और साथ ही किडनी की बीमारी से भी ग्रसित थे। उन्होंने दावा किया कि बीमारी के चलते ही उनकी मौत हुई है। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और शव को घर ले आए। गुरुवार को परिजनों ने बिना किसी कानूनी प्रक्रिया या पोस्टमार्टम के ही शव का दाह संस्कार कर दिया, जिससे रहस्य और गहरा गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी गई?
पुलिस को इस घटना के संबंध में कोई सूचना नहीं दी गई है। न तो स्थानीय थाने को और न ही किसी अन्य सरकारी एजेंसी को। पोस्टमार्टम न होने के कारण अकलू ठाकुर की मौत की असल वजह स्पष्ट नहीं हो पा रही है। यदि पोस्टमार्टम होता, तो मौत के कारणों का वैज्ञानिक तरीके से पता लगाया जा सकता था, लेकिन अब यह मामला सिर्फ अटकलों और चर्चाओं तक ही सीमित रह गया है। इस संदिग्ध मौत को लेकर इलाके में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
मुजफ्फरपुर में संदिग्ध मौत: जांच की मांग
बिना पोस्टमार्टम के शव का दाह संस्कार करना कई सवाल खड़े करता है। ऐसी स्थिति में अक्सर पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठते हैं। हालांकि, इस मामले में पुलिस के पास कोई औपचारिक शिकायत नहीं पहुंची है, इसलिए किसी तरह की जांच शुरू नहीं हो पाई है। लेकिन स्थानीय लोगों और कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है ताकि किडनी की बीमारी या जहरीले पदार्थ पीने की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
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