
Muzaffarpur: बिहार के मुजफ्फरपुर से एक ऐसी खबर आई है, जिसमें एक विधायक और एक हिस्ट्रीशीटर आमने-सामने आ गए हैं। सोशल मीडिया पर शुरू हुए इस विवाद ने देखते ही देखते मारपीट और FIR तक का रूप ले लिया। अब जानिए, क्या है पूरा मामला और पुलिस की कार्रवाई।
बिहार के मुजफ्फरपुर में नगर विधायक रंजन कुमार और हिस्ट्रीशीटर मुकुंद कुमार के बीच उपजा मुजफ्फरपुर विधायक विवाद इन दिनों सुर्खियों में है। विधायक के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में रविवार को हिस्ट्रीशीटर मुकुंद कुमार को मिठनपुरा पुलिस ने कन्हौली विशुनदत्त बेला रोड स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद रविवार शाम को उसे कोर्ट से जमानत भी मिल गई। यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर एक पोस्ट से शुरू हुआ, जिसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
क्या है पूरा मुजफ्फरपुर विधायक विवाद?
नगर विधायक रंजन कुमार ने शनिवार को मिठनपुरा थाने में मुकुंद कुमार उर्फ मुकुंद तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। विधायक ने आरोप लगाया कि मुकुंद ने उनकी अनुमति के बिना उनकी तस्वीर का इस्तेमाल करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट और टिप्पणियां कीं। जब विधायक और उनके सहयोगी मुकुंद को समझाने उसके घर गए, तो मुकुंद ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी।
दोनों पक्षों ने दर्ज कराई FIR
दूसरी ओर, मुकुंद की पत्नी पिंकी तिवारी ने भी नगर विधायक रंजन कुमार और उनके समर्थकों के खिलाफ पलटवार करते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। पिंकी ने आरोप लगाया है कि विधायक और उनके समर्थक उनके घर में घुस आए, मारपीट की और गोली मारने की धमकी दी। पिंकी ने अपनी एफआईआर में विधायक के साथ अभिमन्यु तिवारी, दीपू ठाकुर, विजय पांडेय, आशीष श्रीवास्तव, बिट्टू ठाकुर, अमित सिंह, सुर्दशन ठाकुर को नामजद किया है और 50-60 अज्ञात समर्थकों पर भी आरोप लगाया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
मुकुंद का आपराधिक इतिहास
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने मामले की छानबीन में बताया कि आरोपी मुकुंद के खिलाफ पहले से ही आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से छह मामले शराब के अवैध धंधे से संबंधित हैं। मुकुंद का संबंध कुख्यात अंजनी ठाकुर गैंग से रहा है। नौ साल पहले 6 अप्रैल 2017 को मिठनपुरा में ठेकेदार अतुल शाही की AK-47 से हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में पुलिस जांच में मुकुंद का नाम सामने आया था और उसके खिलाफ चार्जशीट भी दायर की गई थी। इस मामले की सुनवाई जिला अपर सत्र न्यायाधीश-10 के न्यायालय में चल रही है, जिसकी अगली तारीख 23 मई है। इसके अतिरिक्त, मुशहरी थाने में भी उसके खिलाफ धोखाधड़ी और ठगी का मामला दर्ज है।
एसएसपी ने बताया कि पूछताछ के बाद मुकुंद को न्यायालय में पेश किया गया था। इस विवाद से जुड़े मारपीट और धमकी के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे यह मामला पटना तक सुर्खियों में आ गया है। एसएसपी कांतेश मिश्रा ने भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड कर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी और पुलिस कार्रवाई के बारे में बताया है। मुकुंद तिवारी के घर हुई मारपीट का सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हो रहा है, जिसमें विधायक समर्थकों पर मारपीट का आरोप है। मुकुंद ने भी अपना एक वीडियो पोस्ट कर कहा है कि उसने शहर की समस्याओं को सोशल मीडिया पर उठाया था, जिसके जवाब में विधायक अपने समर्थकों के साथ उसके घर आए और मारपीट की। इस घटना पर विपक्षी दलों के नेताओं की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं और पोस्ट पर तरह-तरह के कमेंट्स किए जा रहे हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







