
Ladakh Avalanche: नियति का क्रूर मजाक, एक बेटे ने देश की सेवा में प्राण न्योछावर कर दिए, लेकिन इस शहादत की खबर से एक मां का आँचल सदा के लिए नम हो गया। पूरा गांव अब सिर्फ वीर सपूत के अंतिम दर्शन को आतुर है। देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए बिहार के नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र के मोकरमपुर मिर्चायगंज गांव के सपूत जेसीओ सुमन कुमार सिंह उर्फ पंकज (45 वर्ष) लद्दाख में ड्यूटी के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आकर शहीद हो गए।
लद्दाख हिमस्खलन: शहादत की खबर से गांव में पसरा मातम
26 मार्च को लद्दाख में तैनात सुमन कुमार सिंह भीषण बर्फबारी और हिमस्खलन की चपेट में आ गए थे। भारतीय सेना के जवान होने के नाते वे हर चुनौती का सामना करने को तत्पर रहते थे, लेकिन इस प्राकृतिक आपदा ने उनसे उनका जीवन छीन लिया। उनकी शहादत की खबर जैसे ही मोकरमपुर मिर्चायगंज गांव पहुंची, पूरे इलाके में मातम पसर गया।
शहीद सुमन कुमार सिंह के परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। गांववालों के मुताबिक, सुमन बेहद मिलनसार और देशभक्त इंसान थे। जब भी वे छुट्टी पर घर आते थे, अपने गांव के युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करते थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उनकी शहादत ने पूरे गांव को गर्व से भर दिया है, लेकिन साथ ही अपूरणीय क्षति का एहसास भी गहरा है।
परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग और परिजन लगातार उन्हें ढांढस बंधा रहे हैं। पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
देश की सेवा में समर्पित था जीवन
शहीद सुमन कुमार सिंह ने देश की सेवा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। वे पिछले कई सालों से भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनकी तैनाती देश के विभिन्न संवेदनशील मोर्चों पर रही है। भारतीय सेना के लिए उनका योगदान अतुलनीय है। उनके अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा को हमेशा याद रखा जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सुमन कुमार सिंह की पार्थिव देह को जल्द ही उनके पैतृक गांव लाया जाएगा, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। जिले के प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय नेता भी इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े हैं। यह शहादत हमें याद दिलाती है कि हमारे जवान कितनी मुश्किल परिस्थितियों में देश की रक्षा करते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





