
नालंदा में डूबने से मौत: बिहार के नालंदा जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां सोमवार दोपहर सरमेरा गांव में दो किशोरियों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। शादी के जश्न में शामिल होने गईं इन बच्चियों की अचानक हुई मौत ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
नालंदा में डूबने से मौत: कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
यह हृदय विदारक घटना सरमेरा गांव के दुर्गा मंदिर के पास स्थित एक तालाब में हुई। मृत किशोरियों की पहचान सरमेरा गांव निवासी रामबली राम की 14 वर्षीय पुत्री खुशबू कुमारी और दुखन राम की 12 वर्षीय पुत्री राधा कुमारी के रूप में हुई है। दोनों एक ही मोहल्ले की रहने वाली थीं और आपस में गहरी दोस्त थीं। मोहल्ले में एक शादी का कार्यक्रम चल रहा था और इसी अनुष्ठान के तहत दोनों किशोरियां अन्य महिलाओं के साथ विधि-विधान के लिए तालाब पर गई थीं। पूजा समाप्त होने के बाद महिलाएं वापस लौट आईं, लेकिन भीड़भाड़ में ये दोनों वहीं रह गईं।
जब काफी देर तक दोनों किशोरियां घर नहीं पहुंचीं, तो परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद भी जब उनका कोई सुराग नहीं मिला, तो आशंका हुई कि वे तालाब में डूब गई होंगी। ग्रामीणों ने तुरंत तालाब में तलाश अभियान चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों किशोरियों के शव तालाब के गहरे पानी से निकाले गए। इस दौरान मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। डायल 112 की टीम की मदद से दोनों शवों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सरमेरा ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। थानाध्यक्ष साकेंद्र कुमार ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ स्थित मॉडल सदर अस्पताल भेज दिया गया है। परिजनों से लिखित आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस दर्दनाक हादसे के बाद दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में शादी की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं। बताया जाता है कि दोनों किशोरियों के पिता बाहर रहकर मजदूरी करते हैं। खुशबू कुमारी की मां की मौत करीब 12 साल पहले आकाशीय बिजली गिरने से हो गई थी। इस दुखद घटना से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। हर किसी की आंखें नम हैं और लोग इस अकल्पनीय किशोरियों की मौत से स्तब्ध हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
आगे की कार्रवाई और पुलिस का बयान
दो मासूम जिंदगियों का यूं अचानक खत्म हो जाना पूरे सरमेरा गांव के लिए एक बड़ी क्षति है। इस दुखद नालंदा में डूबने से मौत की घटना ने एक बार फिर जल सुरक्षा और बच्चों की निगरानी के महत्व को रेखांकित किया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।






