नवादा जिले में बिजली विभाग की टीम ने गुरुवार को नवादा जिले के रजौली थाने के बहादुरपुर मोड़ से कुछ दूर आगे स्थित फोरलेन निर्माण करने वाले मैसर्स गावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड कंपनी के बेस कैंप पर छापेमारी (FIR against fourlane road construction company Gabar for electricity theft) किया।
बिजली चोरी कर प्लांट को चला रही थी कंपनी ,बिजली विभाग के वरीय अधिकारियों ने की छापेमारी
इस कंपनी के द्वारा अवैध रूप से बिजली जलाया जा रहा था। इसको लेकर बिजली विभाग ने फोरलेन निर्माण कंपनी गावर कंस्ट्रक्शन पर दो करोड़ 46 हजार 204 रुपये का जुर्माना लगाया है।
रजौली थाने में बिजली विभाग के एसडीओ ने लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज (FIR against fourlane road construction company Gabar for electricity theft) कराई है। इसके पूर्व 22 अक्टूबर को बिजली विभाग के विद्युत कार्यपालक अभियंता यासिर हयात, सहायक विद्युत अभियंता अम्बरीश कुमार, कनीय विद्युत अभियंता भागीरथ झा के नेतृत्व में फोरलेन निर्माण कंपनी मैसर्स गावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड मैं छापेमारी किया गया।
इसमें देखा गया कि 11 हजार लाइन से विद्युत संधारण जोड़कर उसके द्वारा खरीदा गया दो ट्रांसफार्मर विद्युत प्रवाहित हो रही है। साथ ही साथ एलटी तार से भी बिना मीटर लगाए अवैध रूप से बिजली चोरी (FIR against fourlane road construction company Gabar for electricity theft) की जा रही थी।
जांच टीम के द्वारा बिजली चोरी का वीडियोग्राफी भी किया गया है, जिसे थाने में दिए गए लिखित आवेदन में संलग्न किया गया है। बिजली विभाग के सहायक विद्युत अभियंता ने बताया कि बिजली चोरी के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
बिजली विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पता चला है कि गावर कंपनी में बिजली विभाग के द्वारा एक ट्रांसफार्मर लगाया गया था। जिससे पूरे प्लांट में बिजली चालू थी। लेकिन कंस्ट्रक्शन कंपनी के द्वारा प्लांट के पिछले हिस्से में 2 सौ केवी का दो ट्रांसफार्मर फिर से लगाया गया। जिसके लिए बिजली विभाग से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। अपने ही इच्छा से कंस्ट्रक्शन कंपनी के द्वारा 11 हजार लाइन से उसमें कनेक्शन करके बिजली चलाया जा रहा था। इसी मामले में कंपनी पर कार्रवाई की गई है।
मैसर्स गावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड कंपनी बहादुरपुर मोर से कुछ दूर आगे अपना बेस कैंप बनाए हुए हैं, जहां फोरलेन निर्माण करने की कई सामग्री व मशीनरी वहां पर रखा हुआ है, वहां पर उनके दर्जनों कर्मी भी दिन रात काम करते हैं। और रहते भी हैं। कंपनी हरदिया से खराट मोड़ तक दूसरे फेज का फोरलेन का निर्माण कार्य कर रहा है।आखिर सवाल यह है कि फोर लाइन निर्माण करने वाली कितनी बड़ी कंपनी बिजली चोरी करके काम कर रही थी।







