
पटना के ज्ञान भवन में बुधवार को ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट-2023 शुरू हुआ। बिहार में निवेश के लिए कंपनियों को उचित माहौल दिख रहा है। पटना के ज्ञान भवन में वैश्विक निवेशक सम्मेलन के तहत हो रहे बिहार बिजनेस कनेक्ट में 40 कंपनियों ने राज्य सरकार के साथ समझौता किया है। इन कंपनियों ने एग्रीमेंट किया है कि वे अपनी यूनिट बिहार में लगाएंगे। बिहार सरकार इसको (40 companies will set up units in Bihar) अपनी बड़ी उपलब्धि मान रही है।
जानकारी के अनुसार,निवेशक बिहार आ रहे हैं। निवेश में वृद्धि से बिहार अगले पांच वर्षों में उद्योगों के मामले में शीर्ष 10 राज्यों की सूची में आ जाएगा। केंद्र को तेज विकास सुनिश्चित करने के लिए बिहार को विशेष दर्जा देना चाहिए।
राज्य सरकार का ध्यान अन्य क्षेत्रों के अलावा खाद्य प्रसंस्करण, चमड़ा, कपड़ा और सूचना प्रौद्योगिकी पर है। यह बात दो दिवसीय इस कार्यक्रम के पहले दिन छनकर बाहर आए हैं। जहां पढ़िए किन किन कंपनियों ने हामी भरी है।
जानकारी के अनुसार, जिन कंपनियों ने बिहार में अपनी यूनिट स्थापित करने की हामी भरी है, उनमें सबसे अधिक संख्या खाद्य प्रसंस्करण कंपनियों की है। इस सेक्टर की 15 कंपनियों 10 हजार 304 करोड़ रुपए का निवेश करेंगी।
वहीं वस्त्र एवं चमड़ा उद्योग की 8 कंपनियों ने 554 करोड़ रुपए के निवेश का करार किया है। जबकि उत्पादन एवं निर्माण (सामान्य उत्पादन) की 14 कंपनियों ने 15 हजार 570 करोड़ और आईटी सेक्टर की तीन कंपनी ने 377 करोड़ रुपये निवेश पर हस्ताक्षर किए हैं।
शिखर सम्मेलन के उद्घाटन दिवस पर पहले सत्र में कपड़ा और चमड़ा क्षेत्रों पर चर्चा की गई। इस दौरान 554 करोड़ रुपये के निवेश के लिए आठ प्रमुख कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
सावी लेदर्स ने 274 करोड़ रुपये, कोमल टेक्सफैब ने 100.5 करोड़ रुपये, मां प्रभावती टेक्सटाइल मिल्स ने 94 करोड़ रुपये, कॉसमस लाइफस्टाइल प्राइवेट लिमिटेड ने 52 करोड़ रुपये और भारती एक्ज़िम प्राइवेट लिमिटेड ने 15 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित किया है।
दो दिवसीय इस कार्यक्रम के पहले दिन 554 करोड़ रुपये निवेश के लिए कंपनियों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किये गए। दो दिवसीय वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन ‘बिहार बिजनेस कनेक्ट-2023’ के उद्घाटन सत्र में उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने केंद्र से राज्य में विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) के निर्माण की मांग दोहराई। उन्होंने यहां पहुंचे प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि नीतीश कुमार सरकार उन्हें उद्योग स्थापित करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि नई नीतियों के साथ बिहार बदल गया है। नए बिहार से जुड़ें और इसे समृद्ध करें। यदि राज्य में उद्योग बढ़ेंगे तो देश भी प्रगति करेगा। उन्होंने केंद्र से अनुरोध किया कि राज्य में कम से कम चार एसईजेड बनाए जाएं। समीर महासेठ ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि
इस अवसर पर नाहर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के कमल ओसवाल ने कहा कि हमारा समूह जल्द ही पटना में एक लॉजिस्टिक पार्क का निर्माण करेगा। मोंटे कार्लो ब्रांड की वस्तुओं का उत्पादन अब बिहार में शुरू होगा। हमारी कंपनी पंजाब और राजस्थान में उद्योग संचालित करती है और हमारी लगभग 25,000 लोग काम करते हैं, जिनमें से लगभग 40 प्रतिशत बिहार से हैं।






