
शिक्षक की हत्या: सुबह-सुबह गोलियों की तड़तड़ाहट से दहला भोजपुर का तुलसी छपरा गांव। यहां शौच के लिए खेत की ओर गए एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को बदमाशों ने बेरहमी से गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया है।
भोजपुर जिले के सिन्हा थाना क्षेत्र के तुलसी छपरा गांव में गुरुवार सुबह एक सरकारी स्कूल के शिक्षक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान तुलसी छपरा गांव निवासी विश्वनाथ पाल के 35 वर्षीय पुत्र नीरज कुमार पाल के रूप में हुई है, जो कन्या विद्यालय फरहदा में कार्यरत थे। बदमाशों ने नीरज के गर्दन और सिर में दो जगह गोली मारी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना सुबह करीब चार बजे की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही एसडीपीओ-2 रंजीत सिंह और थानाध्यक्ष सुजीत कुमार मौके पर पहुंचे और मामले की जांच में जुट गए।
पुलिस के अनुसार, शिक्षक नीरज पाल गुरुवार की सुबह शौच के लिए घर से खेत की ओर गए थे। इसी दौरान घात लगाए बैठे अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया और गोलियां बरसाकर फरार हो गए। फायरिंग की आवाज सुनकर परिजन और स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंची है और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही है। इस सनसनीखेज भोजपुर अपराध के पीछे के कारणों और अपराधियों का पता लगाया जा रहा है।
शिक्षक की हत्या के पीछे नाली और जमीन विवाद?
मृतक नीरज पाल की पत्नी प्रमीला देवी ने बताया कि उनके पति हर दिन की तरह सुबह करीब चार बजे शौच के लिए घर से बाहर जाते थे। उन्होंने दावा किया कि परिवार का पहले से नाली को लेकर विवाद चला आ रहा था। फायरिंग की आवाज सुनते ही जब वे मौके पर पहुंचे तो नीरज पाल मृत अवस्था में पड़े हुए थे। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
पुलिस का बयान और आगे की जांच
भोजपुर एसपी राज ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि डीएसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर हर पहलू से जांच कर रहे हैं। शुरुआती पूछताछ में परिजनों ने दो-तीन दिन पहले नाली को लेकर हुए विवाद की बात बताई है। हालांकि, पुलिस सभी संभावित बिंदुओं पर अनुसंधान कर रही है। एसडीपीओ-2 रंजीत सिंह ने बताया कि घटना घर से कुछ ही दूरी पर हुई है। परिजनों द्वारा नाला और जमीन विवाद के साथ-साथ छह माह पहले दुकान पर भी विवाद होने की बात कही जा रही है। सभी तथ्यों की गहनता से जांच की जा रही है।
पुलिस ने हमलावरों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस दुखद शिक्षक की हत्या से गांव में मातम पसरा है और लोग दहशत में हैं। अपराधियों की गिरफ्तारी और घटना के सही कारणों का खुलासा पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें






