back to top
1 सितम्बर, 2024
spot_img

Bihar Police HQ का बड़ा फैसला, अब ‘ दाग ‘ अच्छे नहीं है, …SHO बनने के कड़े नियम जारी

आप पढ़ रहे हैं दुनिया भर में पढ़ा जाने वाला Deshaj Times...खबरों की विरासत का निष्पक्ष निर्भीक समर्पित मंच...चुनिए वही जो सर्वश्रेष्ठ हो...DeshajTimes.COM
spot_img
Advertisement
Advertisement

Bihar Police HQ का बड़ा फैसला, अब थानेदार पर ‘ दाग ‘ अच्छे नहीं है, जानिए … @Bihar Police Headquarters ने थानाध्यक्षों की नियुक्ति (SHO Appointment Rules) को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के तहत दोषी पुलिस अधिकारियों को थाना अध्यक्ष (Station Head Officer) नहीं बनाया जाएगा। यह आदेश राज्य के पुलिस थानों में स्वच्छ प्रशासन सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


Bihar Police HQ ने थानाध्यक्ष बनने के लिए तय की गईं विशेष अर्हताएं

पुलिस मुख्यालय (Police Headquarters) की ओर से न्यूनतम विशेष योग्यताएं (Minimum Special Qualifications) निर्धारित की गई हैं, जो हर थानाध्यक्ष उम्मीदवार के लिए अनिवार्य होंगी।

मुख्य बिंदु:

यह भी पढ़ें:  1 सितंबर से बदल जाएगा पूरे बिहार का शिक्षा विभाग, जानिए बड़ी वजह...नई सोच, नई उम्मीद, शिक्षा, सामान्य प्रशासन और विकास विभाग में बड़े फेरबदल का ऐलान
  • किसी भी पुलिसकर्मी को थानाध्यक्ष नहीं बनाया जाएगा यदि उसे किसी न्यायालय द्वारा दोषी ठहराया गया हो।

  • यदि किसी केस की जांच के दौरान अभियुक्त (Accused) घोषित किया गया हो तो भी वह थानाध्यक्ष पद के लिए अयोग्य होगा।

  • नैतिक अधमता (Moral Turpitude) के आरोप में विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर भी थानाध्यक्ष पद नहीं मिलेगा।

यह भी पढ़ें:  अब जमीन रजिस्ट्री में बड़ा बदलाव! वीडियो रिकॉर्डिंग, UPI, नेट बैंकिंग, कार्ड से पेमेंट, घर बैठे ऑनलाइन रजिस्ट्री

इन मामलों में पुलिसकर्मी नहीं बन सकेंगे थानाध्यक्ष

नए नियमों के अनुसार, जिन पुलिसकर्मियों पर निम्न आरोप साबित हुए हैं, वे थानाध्यक्ष (Police Station Head) नहीं बन पाएंगे:

  • महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार (Misbehavior with Women)

  • भ्रष्टाचार (Corruption Cases)

  • अभिरक्षा में हिंसा (Custodial Violence)

  • अन्य किसी भी प्रकार के गंभीर अपराधों में संलिप्तता


विभागीय सजा पाए पुलिसकर्मियों पर भी रोक

विभागीय जांच या कार्यवाही (Departmental Inquiry) के बाद जिन पुलिसकर्मियों को तीन या उससे अधिक बार सजा (Punishment) मिली है, उन्हें भी थानाध्यक्ष अथवा अंचल पुलिस निरीक्षक (Circle Inspector) के पद पर तब तक नियुक्त नहीं किया जाएगा, जब तक उनके विरुद्ध वृहद सजा का प्रभाव समाप्त नहीं हो जाता।


निष्कर्ष

बिहार पुलिस मुख्यालय (Bihar Police HQ) का यह कदम राज्य में पुलिस प्रशासन में पारदर्शिता (Transparency in Police Administration) और जनविश्वास बहाली (Public Trust) के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब थानाध्यक्ष बनने के लिए नैतिकता और कानूनी शुद्धता दोनों ही अनिवार्य हो गई हैं।

जरूर पढ़ें

दरभंगा में 27.97 लाख मतदाता सूची अपलोड –फर्जी नाम मतदाता सूची से हटेंगे!

दरभंगा में 27.97 लाख मतदाता सूची अपलोड – विशेष प्रेक्षक बोलीं: कोई नागरिक छूटना...

Darbhanga में बड़ी वारदात! 50 लाख के जेवर चोरी, ग्रामीणों में उबाल, कई थानों की पुलिस पहुंची – एक महीने में 1 करोड़ की...

दरभंगा में बड़ी वारदात! एक महीने में 1 करोड़ की सोना-चांदी चोरी, पुलिस पर...

महिलाओं, बच्चों और वृद्धजनों के अधिकारों पर बेनीपुर में विधिक जागरूकता

बेनीपुर में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव गोपाल मिश्र के निर्देश पर एवं...

Darbhanga Navodaya के छात्र जतिन की मां बोली-मेरे बेटे की हत्या हुई? जांच रिपोर्ट से ग्रामीण-परिजन असंतुष्ट-कहा-CBI जांच हो या जाएंगें HIGH COURT!

केवटी नवोदय विद्यालय छात्र 12 वर्षीय जतिन की संदिग्ध मौत का मामला! परिवार बोला...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें