spot_img

Bihar Accident Vehicle Release: बिहार पुलिस का बड़ा आदेश, अब 24 घंटे में वापस मिलेगी दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी!

spot_img
- Advertisement -

Bihar Accident Vehicle Release: अब बिहार में सड़क दुर्घटना के बाद आपकी गाड़ी यूं ही थाने में धूल नहीं खाएगी। बिहार पुलिस मुख्यालय ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को अब 24 घंटे के भीतर उनके मालिक को लौटाना होगा। यह खबर उन हजारों लोगों के लिए राहत भरी है, जिन्हें अपनी गाड़ी छुड़ाने के लिए महीनों चक्कर लगाने पड़ते थे।

- Advertisement -

पुलिस मुख्यालय के इस नए आदेश से सड़क दुर्घटनाओं के बाद वाहनों को जब्त करने और छोड़ने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव आएगा। अक्सर ऐसी शिकायतें मिलती थीं कि पुलिस पदाधिकारी थाना स्तर पर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को मुक्त करने में अनावश्यक देरी करते हैं, जिससे वाहन मालिकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती थी। एडीजी यातायात सुधांशु कुमार ने मंगलवार को इस संबंध में एक विस्तृत पत्र जारी किया है। उन्होंने सभी एसपी को मोटर वाहन अधिनियम की जानकारी देते हुए यह स्पष्ट किया कि दुर्घटना के बाद गाड़ी कहां ले जाई जा रही है, इसकी सूचना मालिक या ड्राइवर को अनिवार्य रूप से दी जाए। गाड़ी की जांच और संबंधित पोर्टल पर प्रविष्टि के बाद, 24 घंटे के अंदर वाहन मालिक को गाड़ी वापस सौंप दी जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

- Advertisement -

Bihar Accident Vehicle Release: क्या हैं पुलिस मुख्यालय के नए निर्देश?

पुलिस मुख्यालय के आदेश में यह भी कहा गया है कि पुलिस या अनुसंधान अधिकारी को गाड़ी छोड़ने से पहले दो गवाहों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार करना होगा। इसके साथ ही, मुक्त की जा रही गाड़ी की प्रत्येक एंगल से तस्वीरें भी लेनी होंगी। इन सभी दस्तावेजों पर पीड़ित पक्ष और अभियुक्त दोनों के हस्ताक्षर लेना अनिवार्य होगा। इसके लिए पुलिस मुख्यालय स्तर के कंट्रोल रूम का व्हाट्सएप नंबर 9031829356 भी जारी किया गया है। इस नंबर के माध्यम से एक निर्धारित फॉर्मेट में सूचना देने के लिए गाड़ी मालिकों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Bihar Bus Service: बिहार में BSRTC का बड़ा तोहफा: जुलाई से शुरू होगी 149 नई बिहार बस सेवा, जानें रूट्स और खासियत

इन मामलों में 24 घंटे की छूट का नियम लागू नहीं

हालांकि, यह नियम सभी मामलों पर लागू नहीं होगा। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि आर्म्स एक्ट, नारकोटिक्स, विस्फोटक सामग्री, अवैध शराब, रंगदारी, डकैती, लूट, दुष्कर्म और हत्या जैसे गंभीर मामलों में जब्त की गई गाड़ियों को 24 घंटे के भीतर छोड़ने का आदेश प्रभावी नहीं होगा। ऐसे मामलों में गाड़ी की रिहाई के लिए कोर्ट का आदेश अनिवार्य होगा। पुलिस मुख्यालय स्तर से इन आदेशों की प्रभावी मॉनिटरिंग भी की जाएगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

इस नई व्यवस्था से सड़क हादसों के बाद वाहन मालिकों को होने वाली परेशानी में कमी आने की उम्मीद है। पहले कानून में दुर्घटनाग्रस्त वाहन को छोड़ने की कोई निश्चित समयसीमा नहीं थी, जिससे पुलिस अपनी सुविधानुसार वाहनों को कब्जे में रखती थी। अब यह स्पष्ट गाइडलाइन Bihar Accident Vehicle Release को तेज करेगी और मोटर वाहन अधिनियम के तहत प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Darbhanga News: बेनीपुर दुर्गा मंदिर में चोरी, दो चोर, एक बाइक से आए, दान पेटी उठाई और बहेड़ी फरार

मंदिर चोरी: बिहार के बेनीपुर में इन दिनों चोरों के हौसले बुलंद हैं, अब...

Samastipur News: यात्रियों को सौगात: दरभंगा-रक्सौल और मुजफ्फरपुर-रक्सौल की मेमू ट्रेन अब नए स्टेशनों तक जाएगी, जानें पूरा शेड्यूल

मेमू ट्रेन: पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों को बड़ी खुशखबरी दी है। अब दरभंगा-रक्सौल...

Nalanda University News: नालंदा विश्वविद्यालय की नीदरलैंड यूनिवर्सिटी से ऐतिहासिक MoU, छात्रों को मिलेंगे ये बड़े फायदे

नालंदा विश्वविद्यालय: बिहार के राजगीर स्थित प्रसिद्ध नालंदा विश्वविद्यालय ने नीदरलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ...