
Bihar By-election: नई सरकार बनने के बाद बिहार की राजनीति में पहला बड़ा चुनावी इम्तिहान सामने आया और इसमें बाजी मारी है राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने। भोजपुर सह बक्सर स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र के उपचुनाव में RJD ने सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (JDU) को मात देकर अपनी सियासी पकड़ का संकेत दिया है। राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार सोनू राय ने इस बहुप्रतीक्षित चुनाव में जनता दल यूनाइटेड के कन्हैया प्रसाद को पटखनी दी। यह सीट पहले जेडीयू के कब्जे में थी, जिसकी वजह से इस जीत को आरजेडी के लिए और भी खास माना जा रहा है। मंगलवार को मतदान हुआ था और सुबह आरा में मतगणना के बाद आरजेडी की जीत की घोषणा हुई। नई राजनीतिक परिस्थितियों में इसे सरकार और विपक्ष की ताकत की पहली बड़ी परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा था, जिसमें विपक्ष सफल रहा।
उपचुनाव का परिणाम और सियासी मायने
यह Bihar By-election राष्ट्रीय जनता दल के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि नई सरकार के गठन के बाद यह पहला सीधा मुकाबला था जिसमें पार्टी ने जीत हासिल की। आरजेडी नेताओं का मानना है कि इस जीत से स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत होने का संकेत मिलता है। वहीं, जेडीयू के लिए यह हार एक बड़ा झटका है, खासकर इसलिए क्योंकि यह सीट पहले उन्हीं के पास थी और उन्होंने निवर्तमान विधान परिषद सदस्य राधाचरण साह के बेटे को मैदान में उतारा था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
राधाचरण साह के इस्तीफे से खाली हुई थी सीट
भोजपुर-सह-बक्सर स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र की यह सीट जेडीयू के नेता राधाचरण साह के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। राधाचरण साह ने 2025 विधानसभा चुनाव में संदेश सीट से जीत दर्ज की थी, जिसके बाद उन्हें विधान परिषद सदस्य का पद छोड़ना पड़ा। इसी कारण यह Bihar By-election आवश्यक हो गया था। जेडीयू ने इस सीट पर राधाचरण साह के बेटे कन्हैया प्रसाद को मौका दिया था, जबकि आरजेडी ने संगठन की मजबूती और स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए सोनू राय पर भरोसा जताया था। भोजपुर-सह-बक्सर स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र के इस विधान परिषद उपचुनाव में RJD की जीत ने विपक्ष में नई ऊर्जा भर दी है।
मतदान का ब्योरा और RJD की रणनीति
इस विधान परिषद उपचुनाव के लिए मतदान सुबह आठ बजे शुरू होकर शाम चार बजे तक चला था। कुल 97.96 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई, जिसने शुरू से ही चुनाव को चर्चा में ला दिया था। निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कुल 6,086 मतदाता थे, जिनमें 2,832 पुरुष और 3,254 महिला मतदाता शामिल थे। मतदान प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण रही और किसी भी प्रकार की हिंसा या गड़बड़ी की कोई सूचना नहीं मिली। आरजेडी ने स्थानीय मुद्दों और संगठन की ताकत पर ध्यान केंद्रित करते हुए यह जीत हासिल की। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।







