

Child Welfare Budget: बच्चों के भविष्य को संवारने की दिशा में हर सरकार बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन कुछ ही उन्हें यथार्थ में बदल पाती हैं। बिहार सरकार ने इस बार वित्तीय लेखा-जोखा में भविष्य की बुनियाद मजबूत करने का संकल्प दिखाया है। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये का विशाल वार्षिक बजट पेश किया है, जिसमें बच्चों को विकास की मुख्य धुरी बनाया गया है।
बच्चों के विकास पर केंद्रित Child Welfare Budget: एक नई पहल
इस ऐतिहासिक राज्य बजट में बाल कल्याण मद के तहत 71 हजार 449 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह राशि सीधे तौर पर बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं पर खर्च की जाएगी। यह दर्शाता है कि सरकार बच्चों के कल्याण को कितनी गंभीरता से ले रही है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह सिर्फ एक वित्तीय आवंटन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए एक मजबूत नींव रखने का प्रयास है। इस कदम से न केवल कुपोषण, अशिक्षा जैसी समस्याओं से निपटा जा सकेगा, बल्कि बच्चों को एक बेहतर और सुरक्षित भविष्य भी मिलेगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
यह एक दूरगामी नीति है जो दीर्घकाल में राज्य के सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को मजबूत करेगी। इस राज्य बजट का उद्देश्य सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहे। यह सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है जिसे इस राज्य बजट के माध्यम से बाल अधिकारों के संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।
बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव
सरकार का यह फैसला बताता है कि वह केवल वर्तमान की चुनौतियों पर ही नहीं, बल्कि भविष्य की संभावनाओं पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। इतनी बड़ी राशि का आवंटन इस बात का प्रमाण है कि राज्य बच्चों को अपने विकास का अभिन्न अंग मानता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश न केवल मानव पूंजी को बढ़ाएगा, बल्कि राज्य को समावेशी विकास के पथ पर भी अग्रसर करेगा। यह बजट बच्चों के जीवन में एक सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




