



Bihar Crime: बिहार की सियासत में आजकल अपराध का मुद्दा एक ऐसा गहरा घाव बन चुका है, जो रह-रहकर टीस मारता है। यह घाव तब और गहरा हो जाता है, जब सदन के भीतर भी विपक्ष सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ता।
Bihar Crime: बिहार विधान परिषद में विपक्ष का गरजा, अपराध के बढ़ते ग्राफ पर सरकार को घेरा
बिहार में बढ़ते Bihar Crime पर सम्राट चौधरी का कड़ा रुख
गुरुवार को बिहार विधान परिषद में प्रश्नकाल का संचालन अपेक्षाकृत शांत माहौल में शुरू हुआ। हालांकि, सदन के भीतर उठे तीखे सवालों और सरकार के जवाबों ने राज्य में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक अनुशासन को लेकर एक नई और गंभीर राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया। विपक्षी सदस्यों ने राज्य में लगातार बढ़ रहे अपराध के ग्राफ पर सरकार को आड़े हाथों लेने की कोशिश की, जिस पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान सरकार अपराध नियंत्रण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
उपमुख्यमंत्री ने आगे बताया कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और पुलिस प्रशासन को और अधिक सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की जा रही हैं। उनका दावा था कि आंकड़ों में भले ही कुछ उतार-चढ़ाव दिखे, लेकिन सरकार की मंशा साफ है कि बिहार में किसी भी कीमत पर अमन-चैन बरकरार रखा जाए। यह मुद्दा केवल बिहार तक सीमित नहीं है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
प्रशासनिक सुधार और चुनौतियों का सामना
सदन में हुई चर्चा ने इस बात पर भी जोर दिया कि केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि प्रशासनिक ढांचे में सुधार और पारदर्शिता लाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। विपक्ष ने जहां पुलिस बल की कमियों और जांच प्रक्रियाओं में देरी जैसे मुद्दों को उठाया, वहीं सरकार ने चुनौतियों को स्वीकार करते हुए सुधारों की दिशा में उठाए जा रहे कदमों को रेखांकित किया। सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीक का उपयोग कर पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है, जिससे अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस बहस के बीच, जनता की निगाहें सरकार के उन वादों पर टिकी हैं कि क्या वास्तव में अपराध का यह गहरा घाव भर पाएगा। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा गर्म है कि कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष की यह आक्रामकता आने वाले समय में सरकार के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकती है।



