Patna | Bihar शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में 28 अप्रैल से 2 मई 2025 तक विशेष अभियान के तहत पाठ्य पुस्तकों के वितरण का निर्देश दिया है। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को स्पष्ट आदेश जारी किए हैं।
सभी विद्यालयों तक पहुंच चुकी हैं किताबें
शिक्षा विभाग के अनुसार, कक्षा 1 से 8 तक की पाठ्य पुस्तकें पहले ही बिहार राज्य पाठ्यपुस्तक प्रकाशन निगम के माध्यम से सभी प्रखंड संसाधन केंद्रों (BRC) तक भेजी जा चुकी हैं।
- Advertisement -🔥 आज की सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें1
Bihar Teacher Recruitment बिहार शिक्षक भर्ती: गेस्ट टीचर्स को नहीं मिलेगा अनुभव का बोनस, हाई कोर्ट के फैसले से हजारों प्रभावित2
Samastipur Railway News सिर्फ 45 पैसे में 10 लाख का बीमा! समस्तीपुर रेल मंडल के यात्रियों के लिए धमाकेदार ऐलान, अब काउंटर पर भी मिलेगी ये सुविधा3
रोहतास में दिनदहाड़े 3 करोड़ की ज्वेलरी लूट! एक साल में दूसरी बार बना निशाना4
Darbhanga Big Breaking दरभंगा में जन सुराज ने बनाई बड़ी बढ़त – आगे, कांग्रेस के मदन मोहन झा दूसरे नंबर पर! | MLC चुनाव: कौन बनेगा MLC?5
बांका में नहर निगली दो मासूम जानें: खेलते-खेलते नहर में डूबीं चचेरी बहनें, प्रदीप और दीपक के घर से निकली दो लाशें6
बड़ी खबर Bihar Ration Card ! बिहार में 35 लाख राशन कार्ड अचानक रद्द, अब इन करोड़ों को मिलेगा पूरा अनाजअब सुनिश्चित किया जा रहा है कि ये किताबें समय पर विद्यालयों तक पहुंचें और छात्रों को वितरित कर दी जाएं।
- Advertisement -
DEO को सौंपा गया विशेष कार्य
डॉ. एस. सिद्धार्थ ने सभी DEO को निर्देशित किया है कि वे अपने अधीनस्थ प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) से यह पुष्टि कराएं कि सभी स्कूलों में किताबें पहुंच गई हैं।
किताब वितरण के लिए 28 अप्रैल से 2 मई 2025 तक विशेष पुस्तक वितरण समारोह आयोजित करने का आदेश दिया गया है।
माता-पिता और जनप्रतिनिधियों को भी बुलाया जाएगा
समारोह के दौरान छात्रों के माता-पिता और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा।
छात्रों को पुस्तकों का वितरण उन्हीं की उपस्थिति में किया जाएगा।
समारोह की फोटोग्राफी कराई जाएगी और वितरण प्रक्रिया का डॉक्यूमेंटेशन भी अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किताबों की गुणवत्ता की जांच भी वितरण के समय की जाए।
यदि किसी भी पुस्तक में गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है, तो इसकी तत्काल सूचना प्रकाशन निगम को दी जाएगी।
बिहार सरकार का यह विशेष अभियान सुनिश्चित करेगा कि शिक्षा सत्र की शुरुआत में ही छात्रों को पाठ्य सामग्री मिल जाए, जिससे उनकी पढ़ाई में कोई बाधा न आए। विभाग की सतर्कता से किताबों की गुणवत्ता और वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जा रही है।








