
बिहार अतिक्रमण: जब व्यवस्था की लाठी उठती है, तो अवैध कब्जाधारियों के पसीने छूटने लगते हैं। दशकों से जमीनों पर कुंडली मारकर बैठे लोगों के लिए अब मुश्किल घड़ी आ गई है, क्योंकि नीतीश सरकार ने अतिक्रमण के खिलाफ निर्णायक युद्ध छेड़ दिया है।
बिहार अतिक्रमण: सरकारी जमीनों पर कब्जाधारियों की खैर नहीं, नीतीश सरकार का बड़ा एक्शन आज से शुरू
बिहार में अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा अभियान: एक अप्रैल से सख्त कार्रवाई शुरू
बिहार सरकार ने राज्य में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एक व्यापक और सुसंगठित कार्रवाई का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस महत्वाकांक्षी अभियान की शुरुआत आज 1 अप्रैल 2026 से पूरे राज्य में एक साथ हो रही है। इस कदम का उद्देश्य राज्य की सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करना है, जो लंबे समय से एक गंभीर चुनौती बनी हुई थी।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों, अपर समाहर्ताओं (एडिशनल कलेक्टर्स), भूमि सुधार उप समाहर्ताओं और अनुमंडल पदाधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि अतिक्रमणकारियों से निपटने में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
प्रधान सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन सभी अधिकारियों के साथ बैठक कर अभियान की विस्तृत रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई सिर्फ एक औपचारिकता नहीं होगी, बल्कि इसे पूरी गंभीरता और दृढ़ता के साथ अंजाम दिया जाएगा, ताकि राज्य में कानून का राज स्थापित हो सके।
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अधिकारियों को सख्त निर्देश: किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं
सीके अनिल ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि अतिक्रमण हटाने के दौरान कानूनी प्रक्रियाओं का पूरा पालन किया जाए, लेकिन किसी भी दबाव या राजनीतिक हस्तक्षेप में न आएं। इस अभियान में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अतिक्रमण की पहचान करें, उन्हें नोटिस जारी करें और फिर तय समय सीमा के भीतर अतिक्रमण को हटाएं। इस पूरी प्रक्रिया की नियमित निगरानी भी की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस अभियान के तहत न केवल सार्वजनिक सड़कों, नहरों और अन्य सरकारी भूमि पर हुए अवैध कब्जों को हटाया जाएगा, बल्कि निजी जमीनों पर हुए अतिक्रमण पर भी शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
यह अभियान बिहार के विकास और सुशासन के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। सरकार की मंशा साफ है कि राज्य में अब अवैध कब्जों का दौर खत्म हो और हर व्यक्ति को उसकी जमीन का हक मिल सके। यह सुनिश्चित करना है कि बिहार अतिक्रमण मुक्त बने। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







