
बिहार फ्लोर टेस्ट: पटना के सियासी गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज है। बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद बनी नई सरकार की पहली और सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा की तारीख तय हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को अब तय करना होगा कि उनके पास सदन का पूरा समर्थन है या नहीं।
बिहार में नई सरकार के गठन के बाद अब सबकी निगाहें बिहार फ्लोर टेस्ट पर टिकी हैं। विधानसभा सचिवालय ने इसके लिए आमंत्रण जारी कर दिया है। 24 अप्रैल 2026 को बिहार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है, जहां मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपनी सरकार का बहुमत साबित करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह सत्र सुबह 11 बजे से शुरू होगा और इसी दौरान शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा।
कब और कैसे होगा बिहार फ्लोर टेस्ट?
हाल ही में बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला था, जब नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद नई सरकार का गठन हुआ और सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। संवैधानिक प्रक्रिया के तहत, हर नई सरकार को सदन में अपना बहुमत साबित करना अनिवार्य होता है। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि बिहार विधानसभा सत्र का द्वितीय सत्र 24 अप्रैल को सुबह 11 बजे से शुरू होगा, जिसमें फ्लोर टेस्ट संपन्न कराया जाएगा। सभी विधायकों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।
सियासी हलचल और आगे की चुनौतियां
फ्लोर टेस्ट किसी भी नई सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। यह सरकार की स्थिरता और सदन में उसके समर्थन का पैमाना होता है। मुख्यमंत्री को इस प्रक्रिया के तहत बहुमत का आंकड़ा हासिल करना होता है। सत्र को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है, क्योंकि हर पार्टी अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश कर रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस दौरान विधानसभा परिसर में सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। सत्र के दिन सदन की कार्यवाही और इसके परिणामों पर सबकी उत्सुकता से नजर रहेगी।







