
Bihar GST News: आर्थिक मोर्चे पर अक्सर पिछड़ा दिखने वाला बिहार, इस बार कर संग्रहण में नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। जैसे कोई खिलाड़ी धीमी शुरुआत के बाद अचानक रफ्तार पकड़ लेता है, वैसे ही राज्य के वाणिज्य कर विभाग ने अपनी दक्षता और प्रभावी निगरानी से राजस्व का खजाना भर दिया है।
Bihar GST News: राजस्व संग्रहण में बिहार का चौका!
वित्तीय वर्ष 2025-26 बिहार के लिए आर्थिक मोर्चे पर एक नई कहानी लिख रहा है। वाणिज्य कर विभाग द्वारा जारी अनंतिम आंकड़ों के अनुसार, राज्य ने कर संग्रहण में जबरदस्त वृद्धि दर्ज की है। बड़े राज्यों की श्रेणी में, बिहार ने कुल संग्रहण वृद्धि दर के मामले में चौथा स्थान प्राप्त कर सबको चौंका दिया है। यह उपलब्धि न केवल विभाग की अथक मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कर प्रशासन में निरंतर सुधार और प्रभावी निगरानी रंग ला रही है।
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वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिहार का कुल जीएसटी संग्रहण ₹32,801.35 करोड़ रहा, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 11.67 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि है। आईजीएसटी समायोजन के बाद राज्य का शुद्ध जीएसटी संग्रहण ₹32,077.22 करोड़ पर पहुंचा, जो 9.20 प्रतिशत की शुद्ध वृद्धि दर्शाता है। यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर है और राज्य की मजबूत आर्थिक गतिविधियों का प्रमाण है।
मार्च 2026 में, एसजीएसटी और आईजीएसटी समायोजन सहित, बिहार की वृद्धि दर 13 प्रतिशत रही, जबकि इसी अवधि के लिए राष्ट्रीय औसत मात्र 5 प्रतिशत रहा। नकद संग्रहण के आधार पर भी बिहार ने 10.60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जबकि राष्ट्रीय औसत 6.40 प्रतिशत था। यह प्रदर्शन राज्य की वित्तीय सुदृढ़ता और कर अनुपालन में सुधार को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
प्रवर्तन और डिजिटल निगरानी ने मजबूत की राजस्व की नींव
जीएसटी और गैर-जीएसटी दोनों मदों को मिलाकर, वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य का कुल कर संग्रहण ₹43,324.79 करोड़ रहा। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 4.09 प्रतिशत अधिक है। हालांकि राज्य सरकार ने ₹46,500 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया था, विभाग 93.17 प्रतिशत संग्रहण प्राप्त करने में सफल रहा है। यह दर्शाता है कि विभाग अपनी महत्वाकांक्षी राजस्व वृद्धि के लक्ष्यों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। विभाग ने ई-वे बिल विश्लेषण, डेटा एनालिटिक्स आधारित निगरानी, जोखिम आधारित जांच और करदाताओं के साथ प्रभावी संवाद जैसी रणनीतियों को मजबूत किया है। इन उपायों से कर आधार का विस्तार हुआ है और राजस्व संग्रहण में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। यह सक्रिय दृष्टिकोण न केवल अनुपालन बढ़ाता है बल्कि एक निष्पक्ष और पारदर्शी कर प्रणाली को भी बढ़ावा देता है।
वाणिज्य कर विभाग ने आने वाले वित्तीय वर्ष के लिए भी अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। विभाग कर प्रणाली को और अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाने, करदाताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने और राजस्व संग्रहण की इस गति को बनाए रखने के लिए संकल्पित है। यह निरंतर प्रयास बिहार की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा और राज्य के विकास में सहायक होगा। विभाग का लक्ष्य है कि आने वाले समय में वे अपने निर्धारित लक्ष्य को भी पार कर सकें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





