
HRMS Bihar: बिहार में सरकारी कामकाज को और भी चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। अब राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में छुट्टी के लिए कागजी दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी, बल्कि सब कुछ ऑनलाइन हो जाएगा। यह पहल प्रशासनिक पारदर्शिता और कार्यकुशलता को नई गति देगी।
HRMS बिहार: प्रशिक्षण और नई प्रक्रिया की पूरी जानकारी
राज्य में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाने की महत्वपूर्ण पहल के तहत, एचआरएमएस बिहार की टीम ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा इसके अंतर्गत सभी निदेशालयों के स्थापना से जुड़े कर्मियों को लीव मैनेजमेंट मॉड्यूल का विशेष प्रशिक्षण दिया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान, कर्मचारियों को अवकाश से संबंधित पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्रेजेंटेशन के माध्यम से दी गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
प्रशिक्षण में साफ बताया गया कि अब सभी कर्मियों को अवकाश के लिए केवल ऑनलाइन माध्यम से ही आवेदन करना अनिवार्य होगा। इस कदम से न केवल प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, बल्कि अवकाश स्वीकृति की व्यवस्था भी अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध हो सकेगी। एचआरएमएस टीम द्वारा मॉड्यूल के विभिन्न फीचर्स जैसे ऑनलाइन आवेदन, अवकाश की स्थिति की ट्रैकिंग, स्वीकृति प्रक्रिया और रिकॉर्ड प्रबंधन के बारे में विस्तार से समझाया गया। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया, ताकि नई प्रणाली को सुचारू रूप से लागू किया जा सके।
डिजिटल पहल से प्रशासन में आएगी तेजी और पारदर्शिता
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने इस बदलाव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इस डिजिटल पहल से कागजी प्रक्रिया पर निर्भरता कम होगी और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी। साथ ही, अवकाश प्रबंधन से जुड़े विवादों और त्रुटियों में भी कमी आने की उम्मीद है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। राज्य सरकार की यह पहल ई-गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है, जिससे भविष्य में अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाने का रास्ता साफ होगा।
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