
जंगल सफारी: बिहार का ‘कश्मीर’ कहे जाने वाले वाल्मीकि नगर की वादियां इन दिनों चर्चा में हैं। यहां जदयू नेता निशांत कुमार ने अपनी ‘सद्भाव यात्रा’ के दौरान प्रकृति का अद्भुत नज़ारा देखा और रोमांचक जंगल सफारी का आनंद लिया। घने जंगलों और शांत वातावरण के बीच वन्यजीवों को करीब से देखकर वे काफी उत्साहित नज़र आए।
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) में निशांत कुमार की जंगल सफारी बेहद खास रही। इस दौरान उन्हें स्वतंत्र रूप से विचरण करते हुए भालू, हिरण, मोर और जंगली सूअरों जैसे वन्यजीवों के दीदार हुए। प्रकृति के इन अद्भुत दृश्यों को देखकर उन्होंने खुशी जाहिर की और कहा कि वाल्मीकि नगर की जैव विविधता वास्तव में अद्वितीय है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
वाल्मीकि नगर में जंगल सफारी: संरक्षण और पर्यटन का संगम
वन विभाग के अधिकारियों ने सफारी के दौरान उन्हें क्षेत्र में चलाए जा रहे संरक्षण प्रयासों के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जिसकी निशांत कुमार ने सराहना की। उन्होंने इस क्षेत्र को वन्यजीव पर्यटन और स्थानीय रोजगार के अवसरों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
आस्था और अध्यात्म का केंद्र: मंदिरों में टेका माथा
प्रकृति के सान्निध्य के साथ-साथ निशांत कुमार ने वाल्मीकि नगर की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत का भी सम्मान किया। ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार माता सीता के पाताल लोक गमन से जुड़ी इस पवित्र भूमि पर उन्होंने प्रसिद्ध नरदेवी मंदिर और महाकालेश्वर मंदिर में पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की। इसके बाद, उन्होंने जटाशंकर और अन्य धार्मिक स्थलों के भी दर्शन किए और राज्य की सुख-शांति के लिए कामना की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।निशांत कुमार ने जोर देकर कहा कि वाल्मीकि नगर का यह क्षेत्र आस्था और पर्यावरण का एक अनूठा संगम है, जिसे हर बिहारी को जीवन में एक बार जरूर देखना चाहिए। उन्होंने बिहार में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने की भी बात कही, जिससे न केवल प्रकृति का संरक्षण होगा बल्कि स्थानीय लोगों को भी आर्थिक लाभ मिलेगा।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करेंबगहा से इजराइल अंसारी की रिपोर्ट।







