
विक्रमशिला सेतु ढहा: भागलपुर में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा हिस्सा ढह गया है, जिससे पूरे बिहार में हड़कंप मच गया है। इस घटना ने एक बार फिर पुलों के रखरखाव और निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दल राजद ने इसे लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है, और तेजस्वी यादव ने इसे ‘भ्रष्ट NDA सरकार’ का नतीजा बताया है।
विक्रमशिला सेतु ढहा: तेजस्वी यादव ने सरकार पर साधा निशाना
राजद के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस घटना पर सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने अपने X हैंडल पर पोस्ट करते हुए कहा कि, ‘भ्रष्ट NDA सरकार के सौजन्य से भागलपुर में विक्रमशिला पुल ने गंगा नदी में समाधि ले ली।’ उन्होंने आरोप लगाया कि एक महीने पहले आगाह किए जाने के बावजूद सरकार ने ध्यान नहीं दिया। ईश्वर का आशीर्वाद रहा कि जब पुल गिरा, तो अनेक वाहन पुल पर थे लेकिन गिरने वाले स्लैब पर नहीं थे, जिससे जानमाल का नुकसान टल गया।
तेजस्वी ने आगे कहा कि पिछले दो साल में बिहार में 100 से अधिक पुल-पुलिया गिरे हैं, यही वजह है कि बिहार में भ्रष्टाचार शीर्ष पर है। यह घटना सरकार की लापरवाही का जीता-जागता प्रमाण है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
रविवार देर रात ढहा पुल: आवागमन ठप
रविवार देर रात गंगा नदी पर उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु का करीब 34 मीटर लंबा हिस्सा टूटकर नदी में जा गिरा। इस घटना के बाद पुल दो हिस्सों में बंट गया है, जिससे इस पर आवागमन पूरी तरह ठप पड़ गया है।देर रात पुल के क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर जांच चल रही थी, तभी अचानक यह बड़ा हिस्सा ढह गया। 4.7 किलोमीटर लंबे इस सेतु का निर्माण राबड़ी देवी के शासनकाल में वर्ष 2001 में कराया गया था। यह पुल उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जिससे रोजाना एक लाख से अधिक लोग और वाहन गुजरते हैं।पढ़िए तेजस्वी ने क्या लिखा अक्षरश: और अब भ्रष्ट NDA सरकार के सौजन्य से भागलपुर में विक्रमशिला पुल ने गंगा नदी में समाधि ले ली। भ्रष्टाचार का इससे भी बड़ा कोई प्रत्यक्ष प्रमाण चाहिए।विगत महीने हम लोगों ने सरकार को आगाह किया था कि यह पुल गिर सकता है लेकिन आदतन सरकार ने अपनी भ्रष्ट व्यवस्था का बचाव करते हुए पल्ला झाड़ लिया। जिस वक्त पुल गिरा अनेक वाहन पुल पर थे लेकिन ईश्वर का आशीर्वाद रहा कि गिरने वाले स्लैब पर नहीं थे इसलिए जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।विगत दो साल में बिहार में 100 से अधिक पुल-पुलिया गिरे है तभी तो बिहार भ्रष्टाचार में शीर्ष पर है।
बिहार में पुल गिरने की घटनाएं: एक बड़ी चिंता
बिहार में पुलों के गिरने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले कुछ वर्षों में कई छोटी-बड़ी पुलियाएं ढह चुकी हैं, जो निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी और सरकारी निगरानी पर सवाल खड़े करती हैं। हालिया विक्रमशिला सेतु ढहा घटना इसी कड़ी का एक और उदाहरण है। इन घटनाओं से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है और जानमाल का जोखिम भी बना रहता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें








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