Bihar Land Mafia: संगठित अपराध के जरिए करोड़ों की जमीन हड़पने वाले बिहार के दो बड़े भू-माफिया, गुड्डू यादव और संतोष डॉन की चिह्नित संपत्तियों को अब जब्त किया जाएगा। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने इन दोनों पर शिकंजा कसते हुए बड़ी कार्रवाई की तैयारी की है। इन माफियाओं पर गुंडागर्दी कर अवैध रूप से अकूत संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। अपराध से कमाई गई इन संपत्तियों की कुर्की जब्ती के लिए बिहार पुलिस जल्द ही बीएनएसएस की धारा 107 के तहत कोर्ट में आवेदन करेगी।
ईओयू की जांच में सामने आया है कि इन गिरोहों ने आम लोगों में भय फैलाकर और फर्जीवाड़े के जरिए संपत्तियां बनाई हैं। इन पर सरकारी राजस्व को चूना लगाने का भी आरोप है। यह कार्रवाई भू-माफियाओं के खिलाफ एक बड़ा अभियान है, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा।

बिहार में भू-माफियाओं का खेल खत्म! EOU करेगी जब्त -27 करोड़ की अवैध संपत्ति, मचा हड़कंप
Bihar Land Mafia: बिहार में संगठित अपराध के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। दो कुख्यात जमीन माफिया, गुड्डू यादव और संतोष डॉन, अब EOU के निशाने पर हैं। इन दोनों पर गुंडागर्दी और आम लोगों में डर फैलाकर करोड़ों की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। EOU ने इनकी चिह्नित संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके तहत बिहार पुलिस बीएनएसएस की धारा 107 के तहत कोर्ट में आवेदन करेगी। इस कार्रवाई से बिहार में भू-माफियाओं के बीच दहशत फैल गई है।
EOU की जांच में सामने आया है कि संतोष कुमार उर्फ संतोष डॉन और गुड्डू यादव उर्फ गुड्डू राय ने मिलकर 27 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की संपत्ति अवैध तरीकों से बनाई है। EOU ने संतोष डॉन और उसके 25 सहयोगियों पर 13 जून 2026 को केस दर्ज किया था, जबकि जमुई के सिकंदरा निवासी गुड्डू यादव और उसके 17 सहयोगियों के खिलाफ 28 जुलाई 2026 को प्राथमिकी दर्ज कर छापेमारी की गई थी।
करोड़ों की संपत्ति, 70 से ज्यादा मामले: कौन हैं ये भू-माफिया?
आर्थिक अपराध इकाई के मुताबिक, संतोष डॉन पर पटना और नालंदा जिले के विभिन्न थानों में कुल 31 केस दर्ज हैं। उसके गिरोह ने पिछले आठ सालों में 75 से अधिक परिसंपत्तियों का निबंधन कराकर 13.30 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जमा की है। वहीं, गुड्डू यादव के खिलाफ जमुई, नवादा और लखीसराय जैसे तीन जिलों में 39 मामले दर्ज हैं। इन मामलों में से 27 में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, जबकि 6 मामलों में कोर्ट ने संज्ञान भी लिया है।
गुड्डू यादव ने अपनी और अपनी पत्नी के नाम पर कुल 29 संपत्तियां निबंधित कराईं। इसके अलावा, उसके सहयोगियों के नाम पर भी 61 दस्तावेज मिले हैं, जो उनकी आपराधिक गतिविधियों का सबूत हैं। ये आंकड़े बिहार में भू-माफियाओं के बढ़ते जाल और उनके वित्तीय साम्राज्य को दर्शाते हैं।
ऐसे करते थे जमीन हड़पने का खेल: EOU की जांच में खुलासा
EOU की एफआईआर के अनुसार, इन भू-माफिया गिरोहों ने आम लोगों में भय फैलाकर और फर्जीवाड़ा करके संपत्तियां अर्जित कीं। इनकी कार्यशैली यह थी कि ये राजस्व कर्मचारी कार्यालय में अवैध मुंशी का काम करने वाले लोगों की मदद लेते थे। इसके बाद राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर करते थे।
जांच एजेंसी ने बताया कि इन जमीन माफियाओं का गिरोह आपराधिक षड्यंत्र रचकर फर्जी विक्रेता खड़ा करता था। फिर अपने या अपने गुर्गों के नाम पर फर्जी निबंधन दस्तावेज तैयार कराता था। इसके बाद जमीन के असली मालिक को विवादों में उलझाकर उनकी भूमि सस्ते दामों में खरीद लेता था। जो जमीन मालिक अपनी जमीन बेचने को तैयार नहीं होते थे, उन्हें ये माफिया अपने गुर्गों से डरा-धमकाकर आतंकित करते थे और कोर्ट केस में उलझा देते थे, ताकि लोग मजबूर होकर औने-पौने दाम पर जमीन बेच दें। इनके द्वारा सरकारी भूमि पर भी कब्जा किए जाने के कई प्रमाण मिले हैं।
सरकारी राजस्व को भी लगाया करोड़ों का चूना
EOU ने यह भी खुलासा किया है कि इन आरोपियों ने दस्तावेजों के निबंधन में भी सरकारी राजस्व को भारी चूना लगाया है। गुड्डू यादव ने जमुई निबंधन कार्यालय में जिन 29 दस्तावेजों का निबंधन कराया, उनका सरकारी मूल्य करीब 7.50 करोड़ रुपये था। लेकिन, उसने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए सरकारी मूल्य के लगभग एक तिहाई यानी केवल 2.60 लाख रुपये में ही उनका निबंधन करा लिया। इसी तरह, गुड्डू यादव के आपराधिक सहयोगियों और उनके परिजनों के नाम पर भी 61 ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनका सरकारी मूल्य 6.65 करोड़ रुपये है, लेकिन उन्हें भी कम निबंधन मूल्य पर ही पंजीकृत कराया गया था।
आर्थिक अपराध इकाई की यह कार्रवाई बिहार में अवैध संपत्ति अर्जित करने वाले भू-माफियाओं के लिए एक बड़ी चेतावनी है। पुलिस अब इन संपत्तियों की कुर्की-जब्ती के लिए कोर्ट में आवेदन करेगी, जिससे इन माफियाओं की कमर तोड़ने की तैयारी है।
संतोष डॉन के गिरोह ने 8 साल में बनाई 13 करोड़ से अधिक की संपत्ति
ईओयू ने संतोष कुमार उर्फ संतोष डॉन और उसके गिरोह के 25 अन्य आरोपियों के खिलाफ 13 जून 2026 को केस दर्ज किया था। संतोष डॉन पर पटना और नालंदा जिले के विभिन्न थानों में कुल 31 मामले दर्ज हैं। जांच के अनुसार, उसके गिरोह ने पिछले आठ सालों में 75 से अधिक परिसंपत्तियों का निबंधन कराया है, जिनकी कीमत 13.30 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
गुड्डू यादव पर तीन जिलों में 39 केस, पत्नी के नाम भी संपत्ति
जमुई के सिकंदरा निवासी गुड्डू यादव उर्फ गुड्डू राय और उसके 17 सहयोगियों के खिलाफ भी 28 जुलाई 2026 को प्राथमिकी दर्ज कर छापेमारी की गई थी। गुड्डू यादव पर जमुई, नवादा और लखीसराय जिलों के कई थानों में कुल 39 केस दर्ज हैं। इनमें से 27 मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, जबकि 6 मामलों में कोर्ट ने संज्ञान भी लिया है। गुड्डू यादव ने अपनी और अपनी पत्नी के नाम पर कुल 29 संपत्तियां निबंधित कराई हैं। इसके अलावा, उसके सहयोगियों के नाम पर भी 61 दस्तावेज मिले हैं, जिनकी सरकारी कीमत 6.65 करोड़ रुपये है।
ईओयू के मुताबिक, इन जमीन माफिया ने राजस्व कर्मचारी कार्यालय में अवैध मुंशी का काम करने वाले लोगों की मदद ली। फिर राजस्व रिकॉर्ड में हेर-फेर कराई। अपराध शैली के मुताबिक यह गिरोह आपराधिक षड्यंत्र कर फर्जी विक्रेता खड़ा कर उसे अपने या अपने किसी गुर्गे के नाम फर्जी निबंधन दस्तावेज तैयार कराता है। फिर जमीन के मालिक को विवाद में उलझा कर उनकी भूमि सस्ते दामों में खरीद लेता है।
सरकारी जमीन पर कब्जा और कम दाम पर रजिस्ट्री का खेल
जांच एजेंसी ने खुलासा किया है कि ये माफिया उन जमीन मालिकों को भी डराते-धमकाते हैं, जो अपनी जमीन बेचना नहीं चाहते। उन्हें कोर्ट केस में उलझाकर मजबूर किया जाता है कि वे औने-पौने दाम पर अपनी जमीन बेच दें। इन गिरोहों द्वारा सरकारी भूमि पर भी अवैध कब्जा किए जाने के कई प्रमाण मिले हैं।
इतना ही नहीं, दस्तावेजों के निबंधन में भी सरकारी राजस्व को बड़े पैमाने पर चूना लगाया गया है। गुड्डू यादव ने जमुई निबंधन कार्यालय में जो 29 दस्तावेज निबंधित कराए, उनका सरकारी मूल्य करीब 7.50 करोड़ रुपये था, लेकिन उसने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर इसे मात्र 2.60 लाख रुपये में ही निबंधित करा लिया। यह दिखाता है कि कैसे भू-माफिया अपने आपराधिक नेटवर्क का उपयोग कर सरकारी नियमों को धता बताते हैं। ईओयू की यह कार्रवाई बिहार में संगठित अपराध के खिलाफ एक मजबूत संदेश है।








