Bihar Lightning News: गुरुवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने बिहार में दस्तक दी और राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई। हालांकि, इसके साथ ही जानलेवा वज्रपात भी हुआ, जिसमें कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। खगड़िया में सबसे अधिक पांच लोगों की जान गई और सात अन्य घायल हो गए। मधेपुरा, सहरसा, भागलपुर और भोजपुर जिलों से भी मौतों की खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार यानी आज के लिए 19 जिलों में गरज, बारिश और वज्रपात के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, निवासियों को सावधानी बरतने की चेतावनी दी है क्योंकि मानसून राज्य में और आगे बढ़ रहा है।
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खगड़िया में वज्रपात का तांडव, सबसे ज्यादा मौतें
वज्रपात से सबसे ज्यादा प्रभावित जिला खगड़िया रहा, जहां गोगरी थाना क्षेत्र के कन्हौली गांव में एक झोपड़ी पर बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान विद्यानंद यादव, आशुतोष यादव और अंकेश कुमार के रूप में हुई है। इस घटना में तीन अन्य लोग घायल भी हुए हैं। बेलदौर थाना क्षेत्र में हुई अलग-अलग घटनाओं में, इटमादी और बलैथा पंचायतों में क्रमशः जवाहर शर्मा (35) और मनीलाल कुमार (18) ने अपनी जान गंवा दी। चार अन्य लोग झुलस गए।
राज्यभर में वज्रपात से मौतें और ऑरेंज अलर्ट
मधेपुरा जिले में, खपुर पंचायत के परेल गांव में बिजली गिरने से शंभू मंडल और उनकी पत्नी कविता देवी की मौत हो गई। सहरसा जिले में, कंप पश्चिम पंचायत के लक्ष्मिनिया टोला क्षेत्र में हीरा कुमार की मौत की सूचना मिली। भागलपुर में, नारायणपुर ब्लॉक के अशटोल गांव में बिजली गिरने से किसान प्रकाश शर्मा की मृत्यु हो गई। भोजपुर जिले से एक और मौत की खबर आई, जहां जगदीशपुर थाना क्षेत्र के कौरा गांव में अंगूरा देवी की घर के आंगन में बैठी होने के दौरान वज्रपात के दौरान एक टिन की चादर गिर गई, जिससे उनकी मौत हो गई।
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मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए पटना सहित 19 जिलों में गरज, बारिश और वज्रपात के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अलर्ट वाले जिलों में पटना, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय, शेखपुरा, नवादा, गया, जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर, बक्सर, भोजपुर, सारण, सीवान, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण शामिल हैं। राज्य के शेष जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम अधिकारियों ने लोगों को गरज-चमक और वज्रपात के दौरान बाहर न निकलने की सलाह दी है। किसानों से भी खराब मौसम की स्थिति में खुले खेतों में काम न करने का आग्रह किया गया है। अधिकारियों ने निवासियों को पेड़ों के नीचे आश्रय लेने से बचने और तूफान के दौरान बिजली के खंभों, टिन की छत वाली संरचनाओं और अन्य कमजोर प्रतिष्ठानों से दूर रहने की चेतावनी दी है।
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बिहार में मानसून की आगे की चाल और चेतावनी
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुरुवार सुबह बिहार में प्रवेश किया और पहले दिन कोसी और सीमांचल क्षेत्रों को कवर किया, जिससे कई इलाकों में भारी बारिश हुई। आईएमडी के अनुसार, मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल बनी हुई हैं। मौसम वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि अगले तीन से चार दिनों में मानसून बिहार के शेष जिलों में फैल जाएगा, जिससे अतिरिक्त बारिश होगी लेकिन राज्य के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और वज्रपात का जोखिम भी बढ़ जाएगा। अधिकारियों ने निवासियों से मानसून के जोर पकड़ने के साथ मौसम सलाह पर बारीकी से नज़र रखने का आग्रह किया है।







