
Bihar Madhubani News: धधका मधुबनी: जमीन विवाद में झुलसे बुजुर्ग की मौत, गांव बना छावनी, 6 पुलिसकर्मी निलंबित! राजेंद्र ठाकुर की मौत के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है। लापरवाही देखते, तत्काल प्रभाव से अपर थानाध्यक्ष समेत कुल छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। मौत और उसके बाद उपजे तनाव को देखते हुए प्रशासन अलर्ट पर है। अधवारी गांव को पूरी तरह से पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। गांव के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है।
बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी में एक दुखद घटना सामने आई है। जमीन दखल-दहानी के दौरान झुलसे बुजुर्ग राजेंद्र ठाकुर की मौत के बाद पूरे गांव में भारी तनाव व्याप्त है। इस गंभीर लापरवाही के आरोप में अपर थानाध्यक्ष समेत छह पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। फिलहाल, अधवारी गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।




जमीन दखल-दहानी के दौरान क्या हुआ?
यह घटना 16 जून की है, जब बेनीपट्टी सिविल कोर्ट के जूनियर जज मनीष रंजन के आदेश पर पुलिस प्रशासन और कोर्ट कमिश्नर की एक टीम अधवारी गांव पहुंची थी। टीम का उद्देश्य सहला पंचायत के अधवारी गांव में महेंद्र यादव के पक्ष में जमीन पर दखल-दहानी कराना था। इसी कार्रवाई के दौरान, राजेंद्र ठाकुर नामक बुजुर्ग गंभीर रूप से झुलस गए थे। उनकी हालत बेहद नाजुक थी और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
लापरवाही पर गिरी गाज, 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड
राजेंद्र ठाकुर की मौत के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है। स्थानीय लोगों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए और शुरुआती जांच में लापरवाही पाए जाने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। तत्काल प्रभाव से अपर थानाध्यक्ष समेत कुल छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अधवारी गांव बना पुलिस छावनी
बुजुर्ग राजेंद्र ठाकुर की मौत और उसके बाद उपजे तनाव को देखते हुए प्रशासन अलर्ट पर है। अधवारी गांव को पूरी तरह से पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। गांव के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है ताकि किसी भी तरह की हिंसा या प्रदर्शन को नियंत्रित किया जा सके। स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है और ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर जमीन विवादों के संवेदनशील पहलू और प्रशासनिक कार्रवाई में सावधानी की जरूरत को उजागर किया है।







