
Bihar Yoga Curriculum: विश्व योग दिवस के अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। अगले साल से राज्य के सभी स्कूल-कॉलेजों के पाठ्यक्रम में योग को शामिल किया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य प्रदेश के लोगों को स्वस्थ और निरोग रखना है, ताकि सरकार पर स्वास्थ्य संबंधी खर्च का बोझ भी कम हो सके।
स्वास्थ्य मंत्री की मांग पर सीएम का फैसला
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह बड़ा ऐलान स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की मांग पर किया। पटना के कंकड़बाग स्थित पाटलिपुत्र खेल परिसर में आयोजित विश्व योग दिवस कार्यक्रम के शुभारंभ के बाद सीएम ने अपने संबोधन में यह बात कही। उन्होंने निर्देश देने की बात कही ताकि अगले शैक्षणिक सत्र से योग शिक्षा को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जा सके।




सीएम सम्राट चौधरी ने कहा, ‘हम निर्देशित करेंगे कि अगले साल से योग को भी स्कूल-कॉलेज के पाठ्यक्रम के साथ जोड़ें ताकि बिहार के लोग स्वस्थ रहें।’
अनिवार्य नहीं, वैकल्पिक होगा योग पाठ्यक्रम
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने इस फैसले पर खुशी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मांग थी कि योग को पाठ्यक्रम में तो शामिल किया जाए, लेकिन इसे बाध्यकारी न बनाया जाए। छात्रों के लिए यह एक वैकल्पिक विषय होगा, जिसकी इच्छा होगी, वही योगाभ्यास करेगा।निशांत कुमार ने बताया कि इस पाठ्यक्रम में शामिल होने के लिए कोई अटेंडेंस या परीक्षा की अनिवार्यता नहीं होगी। उनका मानना है कि योग हर दृष्टिकोण से लाभदायक है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और शरीर व दिमाग स्वस्थ रहता है।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा, ‘पाठ्यक्रम में इसे शामिल किया जाए लेकिन बाध्यकारी नहीं किया जाए। जिसकी इच्छा हो वह योगाभ्यास करे। इसके लिए कोई अटेंडेंस या परीक्षा वाली बात नहीं होगी।’
बिहार की धरती से योग का उद्गम
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने योग के बिहार से गहरे जुड़ाव पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग बिहार की धरती से ही फैला है और आज भी मुंगेर के प्राचीन योग केंद्र से लोग योग सीखकर देश-दुनिया में इसका प्रचार कर रहे हैं। सीएम ने यह भी रेखांकित किया कि सरकार स्वास्थ्य पर बड़ा बजट खर्च करती है और उसकी प्राथमिकता है कि लोग स्वस्थ रहें।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने यह भी बताया कि वे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से भी देशभर के शिक्षण संस्थानों में योग को शामिल करने की मांग करेंगे। बिहार सरकार का यह कदम राज्य में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को प्राचीन भारतीय परंपरा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है। पढ़िए विस्तार से
बिहार में बड़ा बदलाव! अब स्कूल से ही बच्चों को सिखाया जाएगा योग, सीएम ने किया ऐलान
Bihar Yoga Day: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पटना के राजेंद्रनगर स्थित पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस समारोह का नेतृत्व मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया, जिन्होंने अगले शैक्षणिक सत्र से बिहार के स्कूली पाठ्यक्रम में योग को शामिल करने का महत्वपूर्ण संकेत दिया है। शनिवार को आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री ने किया और मंत्रियों, जन प्रतिनिधियों तथा आम नागरिकों के साथ सामूहिक योगाभ्यास सत्र में भाग लिया।कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री चौधरी ने लोगों से योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पूरे बिहार में योग को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनका यह बयान शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़े बदलाव का संकेत है।
स्कूलों में योग शिक्षा की तैयारी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि सरकार अगले शैक्षणिक वर्ष से स्कूली पाठ्यक्रम में योग को शामिल करने पर गंभीरता से विचार कर सकती है। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही स्वस्थ जीवन शैली से जोड़ना है। इसके माध्यम से छात्रों में शारीरिक और मानसिक कल्याण की संस्कृति को प्रोत्साहित किया जाएगा।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और जदयू सांसद ललन सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति और जन प्रतिनिधि मौजूद रहे। इन नेताओं ने भी प्रतिभागियों के साथ योगाभ्यास किया और स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखने में योग की भूमिका पर प्रकाश डाला।
सार्वजनिक भागीदारी और स्वास्थ्य संदेश
इस कार्यक्रम में सभी आयु वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एकत्र होकर विभिन्न योगाभ्यासों में हिस्सा लिया। प्रशिक्षित प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने सूर्य नमस्कार, प्राणायाम और कई योगासन किए, जिससे कार्यक्रम स्थल पर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।कार्यक्रम में मौजूद योग प्रशिक्षकों और विशेषज्ञों ने विभिन्न योगाभ्यासों की सही तकनीक का प्रदर्शन किया। उन्होंने इनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभों के बारे में भी विस्तार से बताया। विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि योग केवल एक व्यायाम का रूप नहीं है, बल्कि यह संतुलित और स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने योग को आज की तेज़-तर्रार दुनिया में अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के सबसे प्रभावी और किफायती तरीकों में से एक बताया। उन्होंने लोगों से योग को दैनिक आदत के रूप में अपनाने और जीवन शैली से संबंधित बीमारियों के खिलाफ एक निवारक उपाय के रूप में इसका उपयोग करने की अपील की।
जदयू सांसद ललन सिंह ने कहा कि भारत ने योग को एक वैश्विक अभ्यास के रूप में स्थापित करने में मदद की है, जिसे दुनिया भर के लाखों लोग अपना रहे हैं। उन्होंने नागरिकों को इसके शारीरिक और मानसिक लाभों को पूरी तरह से प्राप्त करने के लिए योग को अपनी दिनचर्या में एकीकृत करने की सलाह दी।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे बिहार में धूमधाम से मनाया गया। स्कूलों, कॉलेजों, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला प्रशासन, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों ने योग शिविरों और जागरूकता गतिविधियों का संचालन किया, ताकि योग और स्वस्थ जीवन शैली में अधिक से अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा सके।







