

Bihar Nikah Row: जीवन के हर मोड़ पर, अफवाहों का ज़हर अक्सर सच्चाई को धुंधला देता है। बिहार के एक मेडिकल कॉलेज में ऐसा ही कुछ हुआ, जहाँ एक कथित फरमान ने बवाल मचा दिया। राज्य के एक मेडिकल कॉलेज से जुड़ा एक ऐसा तथाकथित सर्कुलर सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ, जिसने बड़े विवाद को जन्म दे दिया।
Bihar Nikah Row: क्या था वायरल सर्कुलर में?
दावा किया जा रहा था कि इस सर्कुलर में रमजान के पवित्र महीने के दौरान युवक-युवती के एक साथ खड़े होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इतना ही नहीं, यह भी चेतावनी दी गई थी कि यदि कोई इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसका निकाह करा दिया जाएगा। यह खबर आग की तरह फैली और लोग इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रियाएं देने लगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सोशल मीडिया पर इस viral circular को लेकर तरह-तरह की बहस छिड़ गई, जिससे कॉलेज प्रशासन पर भी दबाव बढ़ गया।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, कॉलेज प्रशासन ने तुरंत अपनी चुप्पी तोड़ी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने इस पूरे मामले को सिरे से खारिज कर दिया। प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसा कोई भी सर्कुलर उनकी ओर से जारी नहीं किया गया है और यह पूरी तरह से फर्जी है। कॉलेज के अधिकारियों ने इसे शरारती तत्वों द्वारा फैलाई गई अफवाह बताया, जिसका उद्देश्य संस्थान की छवि को धूमिल करना है।
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कॉलेज प्रशासन का खंडन और सच्चाई
कॉलेज के प्रिंसिपल ने एक प्रेस बयान जारी कर बताया कि कुछ लोग जानबूझकर गलत जानकारी फैला रहे हैं। उन्होंने छात्रों और अभिभावकों से अपील की कि वे ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रशासन ने यह भी आश्वस्त किया कि वे इस viral circular को फैलाने वाले तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। यह घटना दिखाती है कि कैसे सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के कोई भी जानकारी कितनी तेजी से लोगों को भ्रमित कर सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रशासन के त्वरित खंडन से स्थिति स्पष्ट हुई और लोगों को सच्चाई का पता चला। यह महत्वपूर्ण है कि हम सभी जानकारी की सत्यता जांचें, विशेषकर जब वह संवेदनशील मुद्दों से संबंधित हो।





