
MSME Technology Center: बिहार के युवाओं के लिए अब अपने घर-परिवार से दूर जाकर नौकरी तलाशने की मजबूरी नहीं रहेगी! पटना के बिहटा में एक नए उद्योग केंद्र की शुरुआत हुई है, जिससे न सिर्फ स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा बल्कि लाखों युवाओं के लिए रोज़गार के नए रास्ते भी खुलेंगे।
पटना के बिहटा स्थित सिकंदरपुर गांव में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई। यहां सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) प्रौद्योगिकी केंद्र का भव्य उद्घाटन किया गया। इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी विशेष रूप से उपस्थित रहे। दोनों नेताओं ने कार्यक्रम से पहले पूरे परिसर का दौरा किया और अधिकारियों से जानकारी ली। इस केंद्र के साथ ही राज्य के मुजफ्फरपुर, रोहतास, दरभंगा और मुंगेर जैसे जिलों में भी नए एक्सटेंशन सेंटर खोले गए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उद्योगों को बढ़ावा देना और छोटे शहरों में रोजगार के अवसर पैदा करना है।
MSME टेक्नोलॉजी सेंटर से मिलेगा कारोबारियों को संबल
बिहटा के इस नए MSME टेक्नोलॉजी सेंटर में कुल 12 विशेष स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों के माध्यम से युवाओं और उभरते उद्यमियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है। उन्हें बताया जा रहा है कि वे कैसे विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़ सकते हैं, सरकारी खरीद प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं और अपने छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ा सकते हैं। केंद्र का विशेष ध्यान समाज के वंचित वर्गों पर भी है।
अनुसूचित जाति/जनजाति उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/जनजाति हब योजना के तहत आयोजित किया गया है, जिसका लक्ष्य इन वर्गों के उद्यमियों को सशक्त बनाना है। उन्हें कारोबार शुरू करने में मदद, उचित प्रशिक्षण और आवश्यक जानकारी प्रदान की जाएगी ताकि वे अपने काम को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा सकें और सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें। सरकार की खरीद नीति के अनुसार, विभिन्न विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को अपनी कुल खरीद का कम से कम 4 प्रतिशत हिस्सा अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के उद्यमियों से ही करना अनिवार्य है। इस दिशा में यह MSME टेक्नोलॉजी सेंटर एक मील का पत्थर साबित होगा।
अधिकारियों का कहना है कि इन नए केंद्रों की स्थापना से स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में काम के बेहतर अवसर मिलेंगे। इससे छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को रोजगार की तलाश में बड़े शहरों की ओर पलायन करने की ज़रूरत कम होगी। गांव और छोटे शहरों में ही रोजगार के अवसर के नए द्वार खुलेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें






