Bihar NEET News: बिहार की राजनीति में इन दिनों दो अहम मुद्दे गरमाए हुए हैं। एक तरफ जहां NEET UG परीक्षा में धांधली को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास से जुड़ा विवाद भी चर्चा का विषय बना हुआ है। केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने इन दोनों ही विषयों पर अपनी स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है।
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NEET पर सरकार का कड़ा रुख
केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने पटना में मीडिया से बात करते हुए बताया कि NEET परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार बेहद गंभीर है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि सरकार इस मामले में लगातार सुधारात्मक कदम उठा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि परीक्षा प्रक्रिया में जहां भी खामियां मिली हैं, उन्हें दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किया जा रहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में छात्रों को ऐसी किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रधानमंत्री ने लिया स्वयं संज्ञान
यादव ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस पूरे मामले पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस गंभीर मुद्दे की गहन जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल कर रही है ताकि यह पता चल सके कि आखिर किस स्तर पर चूक हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की दिशा तय की जाएगी।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह द्वारा प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग पर पलटवार करते हुए रामकृपाल यादव ने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल निराधार आरोप लगाकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रहा है, जबकि सरकार समस्या के समाधान पर गंभीरता से काम कर रही है।
Rabri Devi Bungalow News: नियमों के तहत ही हुए फैसले
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर चल रहे विवाद पर भी मंत्री रामकृपाल यादव ने सरकार का पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवास और सुरक्षा मुहैया कराने के लिए सरकारी नियम और प्रोटोकॉल पहले से ही निर्धारित हैं। यादव ने आगे कहा कि बिहार में लिए गए सभी निर्णय इन्हीं निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार ही होते हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी व्यक्ति के साथ कोई पक्षपात नहीं किया जाता और सभी के लिए एक समान नियम लागू होते हैं।
सुरक्षा और आवास के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल
मंत्री ने विस्तार से बताया कि राज्य में पूर्व मुख्यमंत्रियों को सुरक्षा कवच और आवास प्रदान करने के लिए एक निश्चित प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है। सभी व्यवस्थाएं इसी प्रोटोकॉल के दायरे में रहकर की जाती हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लंबे समय से राज्य का नेतृत्व कर रहे हैं और इस दौरान कई प्रशासनिक फैसले लिए जाते हैं। इन फैसलों पर विभिन्न राय होना स्वाभाविक है, लेकिन सरकार हमेशा नियमों के अनुसार ही चलती है।
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कानून के दायरे में हर कार्रवाई
रामकृपाल यादव ने स्पष्ट रूप से कहा कि बंगला आवंटन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े जो भी निर्णय लिए गए हैं, वे पूरी तरह से सरकारी नियमों और प्रावधानों के अनुरूप हैं। इसलिए इस मुद्दे पर अनावश्यक विवाद खड़ा करने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और सभी महत्वपूर्ण फैसले नियमों के दायरे में रहकर ही लिए जा रहे हैं।







