Patna NEET Re-Exam News: देशभर में नीट यूजी परीक्षा की शुचिता को लेकर जारी विवाद के बीच, पटना जिला प्रशासन ने 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। इस परीक्षा में 46 हजार से अधिक अभ्यर्थी 95 केंद्रों पर शामिल होंगे। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी प्रकार की धांधली या कदाचार न हो सके, जिसके लिए विस्तृत योजना तैयार की गई है।
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पटना के जिलाधिकारी (डीएम) डॉ. त्यागराजन एसएम और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्तिकेय के शर्मा ने बुधवार को एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में परीक्षा को सफलतापूर्वक, पारदर्शी और कदाचारमुक्त तरीके से आयोजित करने के उपायों पर गहन चर्चा हुई। अधिकारियों ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा जारी सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनियमितता के किसी भी प्रयास पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पटना में कोचिंग संस्थानों पर प्रशासन की कड़ी नजर
परीक्षा में अनियमितता की किसी भी आशंका को खत्म करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। 21 जून को होने वाली नीट यूजी पुनर्परीक्षा के दिन पटना जिले के सभी कोचिंग संस्थान पूरी तरह से बंद रहेंगे। इसके साथ ही, इन संस्थानों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो सके। यह कदम छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने और परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। पिछले कुछ समय से परीक्षाओं में धांधली की खबरों ने छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ा दी थी, ऐसे में प्रशासन का यह फैसला सराहनीय है।
इस बार की नीट यूजी पुनर्परीक्षा बेहद संवेदनशील मानी जा रही है, क्योंकि पिछली परीक्षा में धांधली के कई आरोप लगे थे, जिसके बाद यह पुनर्परीक्षा आयोजित की जा रही है। हजारों छात्रों और उनके अभिभावकों की उम्मीदें इस परीक्षा से जुड़ी हैं। Bihar Education News के लिए यह एक महत्वपूर्ण घटना है, जो राज्य में शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है। प्रशासन की इस सख्ती से यह उम्मीद की जा रही है कि परीक्षा पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न होगी।
अभ्यर्थियों के लिए मुफ्त बस सेवा का प्रावधान
परीक्षार्थियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए, पटना प्रशासन ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 21 जून को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए अभ्यर्थियों को मुफ्त बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। यह सुविधा उन छात्रों के लिए विशेष रूप से लाभदायक होगी जिन्हें यातायात संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसका उद्देश्य यह भी है कि छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो और वे बिना किसी तनाव के अपनी परीक्षा दे सकें। यह पहल सुनिश्चित करती है कि सभी अभ्यर्थी समय पर परीक्षा हॉल पहुंच सकें।
अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया है कि परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और सघन जांच की जाए। परीक्षा के दौरान किसी भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या अनुचित सामग्री के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध रहेगा। केंद्र अधीक्षकों और वीक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है ताकि वे किसी भी प्रकार की अनियमितता को तुरंत पहचान सकें और उस पर कार्रवाई कर सकें। इन सभी उपायों का लक्ष्य एक ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां मेधावी छात्रों को उनके परिश्रम का उचित फल मिल सके और कोई भी बाहरी हस्तक्षेप परीक्षा की पवित्रता को भंग न कर सके।
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पटना प्रशासन का यह मजबूत रुख यह दर्शाता है कि वे नीट यूजी पुनर्परीक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहते। यह फैसला न केवल छात्रों और अभिभावकों में विश्वास पैदा करेगा, बल्कि उन तत्वों को भी एक कड़ा संदेश देगा जो परीक्षाओं की पवित्रता को भंग करने का प्रयास करते हैं। आशा है कि इन कड़े इंतजामों के बीच, परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न होगी और योग्य उम्मीदवारों को उनका हक मिलेगा।







