
Bihar Planning Minister: पटना में प्रशासनिक फेरबदल के बाद, बिहार के योजना एवं विकास विभाग को नया मुखिया मिल गया है। सोमवार को भगवान सिंह कुशवाहा ने अपना पदभार संभाला और आते ही अधिकारियों के साथ बैठक कर विकास एजेंडे को धार दी। उन्होंने साफ कर दिया कि सरकार की योजनाओं को अब केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
विकास कार्यों की समीक्षा और नए Bihar Planning Minister का एजेंडा
पुराना सचिवालय स्थित विभागीय कार्यालय पहुंचकर मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने आधिकारिक रूप से कार्यभार संभाला। पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्होंने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की।
इस बैठक में राज्य की विभिन्न विकास योजनाओं, संसाधन प्रबंधन, आर्थिक सर्वेक्षण और महत्वपूर्ण सरकारी परियोजनाओं की प्रगति पर गहन चर्चा हुई। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सभी योजनाओं को तय समय-सीमा के भीतर पूरा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और कामकाज में पारदर्शिता बनाए रखना अनिवार्य है। अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने नवनियुक्त Bihar Planning Minister का स्वागत किया और उन्हें विभाग की मौजूदा कार्यप्रणाली के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।अधिकारियों ने बताया कि योजना एवं विकास विभाग बिहार की लगभग सभी प्रमुख विकास योजनाओं की निगरानी करने वाला एक केंद्रीय विभाग है। यह विभाग राज्य में संसाधनों के समुचित उपयोग और सभी सरकारी परियोजनाओं के मूल्यांकन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालता है। बैठक में बिहार मौसम सेवा केंद्र और बिहार राज्य योजना परिषद जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों के कामकाज की स्थिति की भी जानकारी दी गई।
अधूरी परियोजनाओं पर जोर और डेटा आधारित योजना
विभाग के अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि यह विभाग राज्य की आर्थिक गतिविधियों, कृषि क्षेत्र की स्थिति, सामाजिक आंकड़ों और जनसंख्या से जुड़े रिकॉर्ड का विश्लेषण करता है। जन्म और मृत्यु पंजीकरण जैसी महत्वपूर्ण प्रशासनिक व्यवस्थाएं भी इसी विभाग के दायरे में आती हैं। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना, सांसद फंड से चल रहे कार्यों और पंचायत सरकार भवन निर्माण की प्रगति पर भी विशेष चर्चा हुई।मंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सभी अधूरी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए विभागीय स्तर पर बेहतर समन्वय और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। भगवान सिंह कुशवाहा ने डेटा आधारित योजना निर्माण पर विशेष बल दिया।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों को केवल कागजों तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि योजनाओं की निगरानी में आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाए ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे। अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने बैठक में भरोसा दिलाया कि विभाग डिजिटल सिस्टम के जरिए मॉनिटरिंग व्यवस्था को लगातार मजबूत कर रहा है। उन्होंने बताया कि तकनीक के इस्तेमाल से योजनाओं की प्रगति की निगरानी पहले से कहीं अधिक आसान और प्रभावी हुई है। विभाग अब डेटा संग्रह और विश्लेषण के जरिए नई विकास योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







