Bihar Police Action: NEET पेपर लीक मामले में पटना में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद अब बिहार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामलों में पुलिस ने 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। अब तक 40 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। बुधवार को हुए इस बवाल के बाद पटना के कोतवाली, गांधी मैदान और सचिवालय थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस का कहना है कि हिंसा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान की जा रही है। इस मामले में कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।






40 उपद्रवी हिरासत में, पूछताछ जारी
पटना में हुई हिंसा के बाद पुलिस ने तेजी से एक्शन लिया है। अब तक 40 लोगों को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस इन सभी से पूछताछ कर रही है, जिसके आधार पर अन्य उपद्रवियों की भी पहचान की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि कानून तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
कैसे भड़की थी हिंसा?
NEET परीक्षा में कथित धांधली के विरोध में छात्र और अभ्यर्थी सड़कों पर उतरे थे। पुलिस के मुताबिक, यह प्रदर्शन तब हिंसक हो गया जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने प्रतिबंधित इलाके की ओर बढ़ने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया गया और तोड़फोड़ की गई। हालात जब नियंत्रण से बाहर होने लगे, तब पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल भी हुए थे।
हिंसा के पीछे साजिश की जांच, यूट्यूबर भी निशाने पर
पटना के एसएसपी ने बताया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच कुछ असामाजिक तत्व भी शामिल हो गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इन्हीं लोगों ने माहौल बिगाड़ने और हिंसा भड़काने की कोशिश की। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और घटना स्थल की वीडियोग्राफी के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है।
इस मामले में पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि हिंसा और तोड़फोड़ के पीछे किसकी भूमिका थी। इसके साथ ही कुछ यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स की गतिविधियों की भी बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस को संदेह है कि कुछ लोगों ने अफवाह फैलाकर या भीड़ को उकसाकर हिंसा भड़काने का काम किया हो। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही उनकी भूमिका स्पष्ट हो पाएगी।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच कुछ असामाजिक तत्व भी शामिल हो गए थे। उनका आरोप है कि इन्हीं लोगों ने माहौल बिगाड़ने और हिंसा भड़काने की कोशिश की।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ‘युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’ किया जाएगा और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी। पुलिस का यह एक्शन इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में ऐसे हिंसक प्रदर्शनों पर लगाम लगाई जा सके।









