

Bihar Charas Smuggling: काली कमाई की दलदल में फंसे तस्करों के मंसूबों पर बिहार पुलिस और एसएसबी ने एक बार फिर पानी फेर दिया। भारत-नेपाल सीमा पर चलाए गए संयुक्त अभियान में करोड़ों की चरस जब्त कर दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
बिहार के इंडो-नेपाल सीमा पर नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और बिहार पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में करीब 3.40 करोड़ रुपये की चरस बरामद की गई है। इस कार्रवाई में दो शातिर तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मिली जानकारी के अनुसार, खुफिया इनपुट के आधार पर एसएसबी और पुलिस की टीम ने भारत-नेपाल सीमावर्ती इलाके में घेराबंदी की थी। तस्करों के पास से इतनी बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद होना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। जब्त की गई चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत काफी अधिक है।
बिहार चरस तस्करी: ऐसे बिछाया गया था जाल
खुफिया एजेंसियों को लगातार सीमा पार से होने वाली नशीले पदार्थों की तस्करी की सूचना मिल रही थी। इसी कड़ी में एक विशेष टीम गठित कर निगरानी बढ़ाई गई। सटीक सूचना मिलते ही देर रात विशेष अभियान चलाकर तस्करों को रंगे हाथों धर दबोचा गया। गिरफ्तार किए गए दोनों तस्करों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जा सके।
गिरफ्तार तस्करों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह कार्रवाई दिखाती है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बल कितनी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में करोड़ों की कीमत
बरामद चरस की मात्रा और उसकी कीमत देखकर अनुमान लगाया जा सकता है कि यह गिरोह बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त था। पुलिस और एसएसबी अब यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि यह चरस कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना है, क्योंकि यह केवल एक छोटी कड़ी हो सकती है।

