
Bihar Politics: बिहार में सियासी पारा हाई है और सत्ता परिवर्तन की हवा तेज चल रही है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लगातार मुलाकातें नई सरकार के गठन को लेकर अटकलों को और बढ़ा रही हैं। क्या सम्राट चौधरी ही होंगे बिहार के अगले मुख्यमंत्री?
रविवार सुबह उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 1, ऐन मार्ग स्थित आवास पर पहुंचे। यह उनकी आज दूसरी मुलाकात थी, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी। लगभग 12 घंटे के भीतर दोनों नेताओं की यह दूसरी बैठक नई सरकार के गठन और मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर गहन चर्चा का संकेत दे रही है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में सम्राट चौधरी के साथ मंत्री विजय कुमार चौधरी और सांसद देवेश चंद्र ठाकुर भी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार, बैठक में नई सरकार की रूपरेखा, कैबिनेट फॉर्मूला और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। ऐसे में यह मुलाकात आगामी राजनीतिक परिदृश्य को लेकर कई संकेत दे रही है।
Bihar Politics में दिल्ली से पटना तक सियासी मंथन
इस मुलाकात से ठीक पहले दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, विनोद तावड़े और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच बिहार के मुख्यमंत्री पद को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। इन बैठकों के बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेना और जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की खबरें Nitish Kumar Resignation की अटकलों को और मजबूत कर रही हैं। सूत्रों की मानें तो नीतीश कुमार 13 या 14 अप्रैल को इस्तीफा दे सकते हैं, जिसके बाद एनडीए विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री का चुनाव किया जाएगा।
सम्राट चौधरी: मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार
वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में, सम्राट चौधरी को नई सरकार का मुख्यमंत्री बनाने की मजबूत दावेदारी मानी जा रही है। हाल ही के कई कार्यक्रमों में नीतीश कुमार ने स्वयं सम्राट चौधरी की तारीफ की थी और उन्हें ‘भविष्य का नेता’ बताते हुए कहा था कि ‘आगे सब यही देखेंगे’। भाजपा और एनडीए के अंदर भी मुख्यमंत्री पद के लिए सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे चल रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि यह बयान सम्राट चौधरी की दावेदारी को और पुख्ता करता है।
नई सरकार का शपथ ग्रहण और आगामी रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह उच्च-स्तरीय मुलाकातें न केवल सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया को तेज करेंगी, बल्कि आगामी Bihar Politics की दिशा भी तय करेंगी। संभावना जताई जा रही है कि 14 अप्रैल के आसपास नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है।
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