
Bihar Rajya Sabha Election: राजनीति की बिसात पर मोहरों की चाल, हर बिसात पर शह और मात का खेल शुरू हो चुका है।
बिहार राज्यसभा चुनाव: सत्ता पक्ष में बैठकों का दौर जारी
Bihar Rajya Sabha Election: बिहार में राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। मतदान की तारीख नजदीक आते ही सियासी रणनीतियों को अंतिम रूप देने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। सत्ता पक्ष में बैठकों का दौर जोरों पर है, जहाँ भावी उम्मीदवारों और चुनावी समीकरणों पर गहन मंथन किया जा रहा है। इसी क्रम में, चुनाव से महज 48 घंटे पहले, राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और वरिष्ठ नेता संजय झा के बीच एक महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। इस बैठक के बाद राजनीतिक सरगर्मी और भी बढ़ गई है, क्योंकि दोनों नेताओं के बीच हुई यह गुप्त मंत्रणा कई अटकलों को जन्म दे रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सूत्रों की मानें तो इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्यसभा चुनाव की रणनीति, उम्मीदवारों की अंतिम सूची और क्रॉस-वोटिंग की संभावनाओं जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। सत्ता पक्ष यह सुनिश्चित करना चाहता है कि उसके सभी उम्मीदवार आसानी से जीत दर्ज करें और किसी भी तरह की अप्रत्याशित स्थिति से बचा जा सके। प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है, जहां हर दल अपने दांव-पेंच आजमाने में लगा है।
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गुप्त मंत्रणा के पीछे की कहानी
सम्राट चौधरी और संजय झा की यह मुलाकात यूँ तो सामान्य लग सकती है, लेकिन इसके राजनीतिक मायने गहरे हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक में भविष्य की राजनीतिक दिशा और गठबंधन की मजबूती पर भी चर्चा हुई होगी। खासकर राज्यसभा जैसे चुनाव में, जहाँ एक-एक वोट का महत्व होता है, सत्ता पक्ष कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहता है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि यह बैठक न केवल वर्तमान राज्यसभा चुनाव बल्कि आगामी लोकसभा चुनावों के लिए भी एक मजबूत नींव तैयार करने की दिशा में एक कदम हो सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रदेश में सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और हर दल अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटा है।


