
Bihar Scholarship: बिहार के SC और ST वर्ग के मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी खबर! राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री मेधावृति योजना के तहत पिछले पांच सालों में 941 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की है। आर्थिक तंगी के कारण किसी भी प्रतिभावान विद्यार्थी की पढ़ाई न रुके, यही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।
बिहार सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के मेधावी छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री मेधावृति योजना चलाई है। इस योजना के अंतर्गत, पिछले पांच वर्षों में कुल 941.31 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे विद्यार्थियों के खातों में भेजी गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह वित्तीय सहायता उन विद्यार्थियों को मिलती है जिन्होंने मैट्रिक और इंटर की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस पहल से अब तक 9 लाख 78 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं लाभान्वित हो चुके हैं। सरकार की इस मुस्तैदी से ग्रामीण इलाकों के युवाओं में शिक्षा के प्रति नई उम्मीद जगी है।
किसको कितनी प्रोत्साहन राशि? जानें नियम
मुख्यमंत्री मेधावृति योजना के तहत प्रोत्साहन राशि का वितरण छात्रों की शैक्षणिक योग्यता और उनके परीक्षा परिणाम के आधार पर किया जाता है। यह Bihar Scholarship मैट्रिक यानी 10वीं की परीक्षा में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने वाले एससी-एसटी छात्रों को सरकार की ओर से 10 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता दी जाती है। वहीं जो छात्र द्वितीय श्रेणी से पास होते हैं उन्हें 8 हजार रुपये प्रदान किए जाते हैं। उच्च माध्यमिक यानी 12वीं की मेधावी छात्राओं के लिए यह राशि और भी अधिक है। इंटर में प्रथम स्थान लाने वाली छात्राओं को 15 हजार रुपये और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से बैंक ट्रांसफर के जरिए पूरी की जा रही है, ताकि पात्र छात्रों को सीधा लाभ मिल सके।
पांच सालों में 9 लाख से ज़्यादा छात्रों को मिला लाभ
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के रिकॉर्ड बताते हैं कि इस योजना ने साल दर साल सफलता के नए आयाम छुए हैं। वर्ष 2020 में जहां 1 लाख 63 हजार 365 छात्रों को इसका लाभ मिला था वहीं यह सिलसिला लगातार जारी रहा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। साल 2025 में भी 1 लाख 63 हजार 826 छात्र-छात्राओं ने इस योजना का फायदा उठाया है। गौर करने वाली बात यह है कि वर्ष 2024 में लाभार्थियों की संख्या सबसे अधिक यानी 1 लाख 87 हजार 298 तक पहुंच गई थी। विभाग ने इन पांच वर्षों में 941 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च कर यह सुनिश्चित किया है कि राज्य का कोई भी प्रतिभावान दलित या आदिवासी छात्र पैसों की कमी के कारण अपनी उच्च शिक्षा न छोड़े।
मेधासॉफ्ट पर ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
जो छात्र-छात्राएं इस वर्ष उत्तीर्ण हुए हैं, वे जल्द ही इस Bihar Scholarship योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। विभाग ने इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट ‘मेधासॉफ्ट’ के माध्यम से ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है। आवेदन करने के लिए विद्यार्थियों के पास कुछ अनिवार्य दस्तावेजों का होना आवश्यक है। इसमें मुख्य रूप से:
- 10वीं या 12वीं की अंक-तालिका (Mark Sheet)
- वैध जाति प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
शामिल हैं। इसके अलावा आवेदक का अपना बैंक खाता होना चाहिए जो आधार से लिंक हो। इन दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही सहायता राशि सीधे लाभार्थी के खाते में भेजी जाएगी। सरकार की इस योजना ने राज्य के शैक्षणिक परिदृश्य में एक सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







