Bihar Teacher News: बिहार सरकार ने उन हजारों शिक्षकों को बड़ी राहत दी है जो शैक्षणिक सत्र 2025-26 में अनिवार्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग नहीं ले पाए थे। राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने अब एक संशोधित आदेश जारी किया है, जिसके तहत ऐसे सभी शिक्षकों को वर्ष 2026-27 में प्रशिक्षण प्राप्त करने का दूसरा और महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया जाएगा। इस नए प्रावधान से न केवल शिक्षकों को अपनी ट्रेनिंग पूरी करने का मौका मिलेगा, बल्कि उन्हें पांच दिन का क्षतिपूर्ति अवकाश (Comp Off) भी मिलेगा, जिससे उनके मन में हर्ष है।
SCERT द्वारा सोमवार को जारी इस आदेश के अनुसार, वे सभी शिक्षक जो पिछले सत्र में किसी वैध और उचित कारण से प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए थे, वे अब आगामी शैक्षणिक सत्र में अपनी ट्रेनिंग पूरी कर सकेंगे। यह फैसला विशेष रूप से उन शिक्षकों के लिए राहत लेकर आया है, जिन्हें चुनावी ड्यूटी जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य, गंभीर स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां या ग्रीष्मावकाश के दौरान की व्यस्तताओं के चलते प्रशिक्षण छोड़ना पड़ा था। परिषद ने इन सभी व्यावहारिक बाधाओं को ध्यान में रखते हुए यह मानवीय और दूरदर्शी निर्णय लिया है।
इस संशोधित आदेश से बिहार के शिक्षा विभाग में कार्यरत हजारों शिक्षक लाभान्वित होंगे, जो पहले इस बात को लेकर चिंतित थे कि प्रशिक्षण छूट जाने के कारण उनके करियर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। प्रशिक्षण, जिसे अनिवार्य बनाया गया था, शैक्षणिक गुणवत्ता और शिक्षकों के कौशल उन्नयन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। अब, उन्हें अपनी व्यावसायिक दक्षता बनाए रखने का एक और अवसर मिलेगा, जो उनकी प्रगति के लिए आवश्यक है।
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Bihar Teacher News: प्रशिक्षण का दूसरा मौका क्यों महत्वपूर्ण है?
शैक्षणिक सत्र 2025-26 में आयोजित आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में कई शिक्षक चाहते हुए भी शामिल नहीं हो पाए थे। इसका प्रमुख कारण राज्य में विभिन्न स्तरों पर हुए चुनाव थे, जिनमें बड़ी संख्या में शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी पर लगाया गया था। इसके अतिरिक्त, कुछ शिक्षक अप्रत्याशित स्वास्थ्य आपातकाल, पारिवारिक जिम्मेदारियों या अन्य अपरिहार्य कारणों से प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहे थे। SCERT ने इन सभी वास्तविक कठिनाइयों को स्वीकार करते हुए, उन्हें अपनी अनुपस्थिति का प्रमाण प्रस्तुत करने पर दूसरा मौका देने का फैसला किया है।
पहले ऐसे मामले सामने आते थे जहां प्रशिक्षण से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों को विभागीय जांच या अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ता था। कई बार तो उनके वेतन वृद्धि या पदोन्नति पर भी इसका असर पड़ता था। इस नए आदेश के माध्यम से, सरकार ने एक समाधान प्रदान किया है जो शिक्षकों को दंडित करने के बजाय उन्हें समर्थन देने पर केंद्रित है। यह निर्णय शिक्षकों के बीच सकारात्मक भावना पैदा करेगा और उन्हें अपने कर्तव्यों के प्रति और भी समर्पित होने के लिए प्रेरित करेगा।
SCERT के नए प्रावधानों में एक और महत्वपूर्ण बिंदु पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण में भाग लेने वाले शिक्षकों को क्षतिपूर्ति अवकाश (Comp Off) प्रदान करना है। यह ‘कम्प ऑफ’ उन दिनों के एवज में दिया जाएगा, जब शिक्षक प्रशिक्षण में व्यस्त रहेंगे और अपने विद्यालयों में नियमित शैक्षणिक कार्य के लिए उपस्थित नहीं हो पाएंगे। यह लाभ शिक्षकों के लिए एक अतिरिक्त प्रोत्साहन है, क्योंकि उन्हें अब अपनी छुट्टियों का नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा और वे बिना किसी चिंता के पूरे मन से प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। यह कदम शिक्षकों के कार्य-जीवन संतुलन को बेहतर बनाने में भी मदद करेगा।
SCERT Bihar News: नए सत्र में प्रशिक्षण का स्वरूप और लाभ
आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 में इन वंचित शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण बैचों का आयोजन किया जाएगा। राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) इन कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार करेगी, जिसमें नवीनतम शिक्षण पद्धतियों, पाठ्यक्रम विकास और मूल्यांकन तकनीकों को शामिल किया जाएगा। SCERT Bihar News के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रशिक्षण गुणवत्तापूर्ण हो और सभी शिक्षकों को आधुनिक शैक्षणिक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया जा सके। यह पहल शिक्षकों के ज्ञान और कौशल को अद्यतन करने में सहायक होगी।
शिक्षकों के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना शिक्षा की समग्र गुणवत्ता को बनाए रखने और उसे उन्नत करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह प्रशिक्षण उन्हें नई शैक्षणिक नीतियों, शिक्षण-अधिगम सामग्री के उपयोग और छात्र-केंद्रित शिक्षाशास्त्र को समझने में मदद करता है। इसके माध्यम से शिक्षक प्रभावी ढंग से छात्रों को 21वीं सदी के कौशल जैसे महत्वपूर्ण सोच, रचनात्मकता और समस्या-समाधान सिखाने में सक्षम होंगे।
इस फैसले के बाद, बिहार के विभिन्न जिलों में कार्यरत हजारों सरकारी शिक्षकों में खुशी और राहत की लहर दौड़ गई है। उन्हें अब इस बात की चिंता नहीं सताएगी कि प्रशिक्षण छूट जाने के कारण उनके करियर पर कोई बुरा प्रभाव पड़ेगा। यह कदम शिक्षा विभाग और राज्य सरकार के शिक्षकों के प्रति संवेदनशीलता और उनके कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। शिक्षक संघों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे एक सकारात्मक पहल बताया है।
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संक्षेप में, SCERT द्वारा जारी यह संशोधित आदेश बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। यह न केवल उन्हें अपने पेशेवर दायित्वों को पूरा करने का दूसरा अवसर प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें आवश्यक प्रोत्साहन भी देगा। इस पहल से राज्य की शिक्षा प्रणाली में और अधिक सुधार आने की उम्मीद है, जिससे अंततः छात्रों को बेहतर शिक्षा का लाभ मिलेगा।







